'ईरान की यात्रा न करें'... अमेरिका ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी, लॉन्च की वार्निंग वेबसाइट
अमेरिका ने अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा से सख्त रूप से मना किया है. अमेरिकी विदेश विभाग ने एक नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि ईरान में गलत हिरासत, आतंकवाद और अन्य खतरों के चलते वहां जाना बेहद असुरक्षित है. इसके साथ ही सरकार ने एक नई चेतावनी वेबसाइट भी लॉन्च की है.

US Travel Advisory for Iran: अमेरिका ने अपने नागरिकों को एक बार फिर आगाह किया है कि वे किसी भी हाल में ईरान की यात्रा न करें. अमेरिकी विदेश विभाग ने यह चेतावनी ऐसे समय में जारी की है जब ईरान में अमेरिकी नागरिकों की गलत हिरासत, आतंकवाद, विमानन सुरक्षा को खतरा और फर्जी सरोगेसी सेवाओं जैसी घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस चेतावनी के साथ ही अमेरिकी सरकार ने एक विशेष वेबसाइट भी लॉन्च की है, जिसका उद्देश्य ईरान यात्रा के जोखिमों को लेकर जागरूकता फैलाना है.
यह चेतावनी अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जारी की. उन्होंने कहा कि यह चेतावनी खासकर उन अमेरिकी नागरिकों के लिए है जिनकी ईरानी पृष्ठभूमि है या जो दोहरी नागरिकता रखते हैं. टैमी ब्रूस ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान की यात्रा अब भी असुरक्षित है, भले ही हाल के हमले रुक गए हों.
🚨 URGENT: ANOTHER “DO NOT TRAVEL TO IRAN” WARNING JUST DROPPED
The State Dept held another press conference TODAY telling Americans to stay out of Iran.
The last time they did this? Right before the bombings in June.
What the hell is coming?pic.twitter.com/pAHHS5miQi— HustleBitch (@HustleBitch_) July 11, 2025
अमेरिका की नई एडवाइजरी
ब्रूस ने कहा, "विदेश विभाग एक नई जागरूकता अभियान की शुरुआत कर रहा है, जो अमेरिकियों, विशेष रूप से ईरानी-अमेरिकी नागरिकों को ईरान की यात्रा से जुड़े गंभीर खतरों के बारे में आगाह करता है. ईरानी शासन दोहरी नागरिकता को मान्यता नहीं देता और हिरासत में लिए गए अमेरिकी नागरिकों को कांसुलर सेवाएं देने से मना करता है."
उन्होंने आगे कहा, "हालांकि बमबारी बंद हो गई है, इसका मतलब यह नहीं है कि ईरान यात्रा के लिए सुरक्षित हो गया है. ऐसा बिल्कुल नहीं है. हम एक नई वेबसाइट भी शुरू कर रहे हैं, जो अमेरिकियों को ईरान की यात्रा के प्रति चेतावनी देगी. आप इस वेबसाइट को state.gov पर जाकर आसानी से ढूंढ सकते हैं."
ईरान की यात्रा न करें: टैमी ब्रूस
टैमी ब्रूस ने जोर देते हुए कहा, "हमारा संदेश कई भाषाओं में स्पष्ट रूप से उपलब्ध है. हमारी ट्रैवल एडवाइजरी अब भी प्रभाव में है और हम यह बार-बार दोहरा रहे हैं ईरान की यात्रा न करें, खासकर वे लोग जो दोहरी नागरिकता रखते हैं या जिनकी ईरानी विरासत है. वहां जाना किसी के लिए भी सुरक्षित नहीं है. यह वेबसाइट मौजूदा ट्रैवल एडवाइजरी को और मजबूत करती है, न कि उसे हटाती है."
बातचीत की कोशिश जारी: ट्रंप
इस चेतावनी के पीछे की वजह अमेरिका और ईरान के बीच हालिया तनाव भी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हालांकि बातचीत की इच्छा जताई है. उन्होंने कहा, "हम एक मीटिंग करने जा रहे हैं... देखते हैं क्या होता है. हमने ईरान से बातचीत का समय तय किया है. वे बातचीत करना चाहते हैं. मुझे लगता है जब हमने उनके तीन ठिकानों पर हमला किया तो उन्हें बड़ा झटका लगा."
ईरानी राष्ट्रपति ने जताई बातचीत की इच्छा
वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भी अमेरिका के साथ बातचीत की इच्छा जताई. लेकिन यह भी कहा कि विश्वास बहाली में अब भी बाधाएं हैं, जिनकी वजह अमेरिका और इज़राइल की पिछली कार्रवाइयां हैं. अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान इस समय कूटनीतिक रूप से सतर्क मुद्रा में है.
ऑपरेशन मिडनाइट हैमर और ईरान का जवाब
22 जून को अमेरिका ने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया था. इसमें नटांज और फोर्डो जैसे परमाणु ठिकाने, मिसाइल सुविधाएं और आईआरजीसी (IRGC) के ठिकाने शामिल थे. इस हमले में आईआरजीसी के वरिष्ठ अधिकारियों और परमाणु वैज्ञानिकों की मौत भी हुई थी. इसके जवाब में ईरान ने कतर स्थित अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल हमले किए और अमेरिका की कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून व संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया.


