'जल्दी फैसला लो वरना कुछ नहीं बचेगा...' ट्रंप की ईरान को सख्त चेतावनी
रविवार (17 मई 2026) को ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि ईरान के लिए वक्त तेजी से निकल रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर होगा कि ईरान बहुत जल्द कोई फैसला ले, वरना उसके पास कुछ भी नहीं बचेगा।

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। मध्य-पूर्व में महीनों से चल रहे तनाव के बीच यूरेनियम भंडार, प्रतिबंधों में ढील और युद्ध के हर्जाने को लेकर बातचीत अटकी हुई है। इसी बीच ट्रंप का यह बयान सामने आया है।
समय कीमती है, जल्दी कदम उठाओ
आपको बताते चलें कि रविवार (17 मई 2026) को ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि ईरान के लिए वक्त तेजी से निकल रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर होगा कि ईरान बहुत जल्द कोई फैसला ले, वरना उसके पास कुछ भी नहीं बचेगा। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि समय बहुत कीमती है। यह बयान ईरानी मीडिया द्वारा अमेरिका की मुख्य शर्तें उजागर करने के कुछ घंटे बाद आया।
अमेरिका की शर्तें क्या हैं
ईरान की 'फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी' के अनुसार अमेरिका ने बातचीत दोबारा शुरू करने के लिए कई शर्तें रखी हैं। वॉशिंगटन चाहता है कि ईरान 400 किलोग्राम समृद्ध यूरेनियम सौंप दे और सिर्फ एक परमाणु संयंत्र को चालू रखे। साथ ही ईरान युद्ध के हर्जाने की मांग छोड़ दे और माने कि उसकी ज्यादातर जब्त संपत्तियां ब्लॉक रहेंगी। अमेरिका यह भी चाहता है कि सभी मोर्चों पर युद्ध तभी रुके जब बातचीत पूरी हो जाए।
ईरान ने भी रखीं पांच शर्तें
ईरान ने भी जवाब में अपनी पांच शर्तें रखी हैं। ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान तभी बातचीत की मेज पर लौटेगा जब पूरे क्षेत्र में, खासकर लेबनान में, सैन्य अभियान बंद होंगे। ईरान चाहता है कि उस पर लगे प्रतिबंध हटें और विदेशों में जब्त संपत्तियां वापस मिलें। इसके अलावा ईरान ने युद्ध से हुए नुकसान के लिए हर्जाना मांगा है और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़' पर अपनी संप्रभुता को मान्यता देने की बात कही है।
युद्धविराम के बाद भी तनाव बरकरार
इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान की मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ था। यह युद्धविराम ईरान, इज़रायल और अमेरिकी बलों के बीच हफ्तों की लड़ाई के बाद हुआ था। हालांकि इससे बड़ी लड़ाई तो रुक गई, लेकिन कोई स्थायी राजनीतिक हल नहीं निकल पाया। तनाव अब भी बना हुआ है।


