शाही इमाम ने किया ऐलान, 28 मई को देशभर में मनाई जाएगी बकरीद
बकरीद यानी ईद अल अधा की तारीख को लेकर चल रहा इंतजार अब खत्म हो गया है. जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद शबान बुखारी ने घोषणा की है कि इस वर्ष ईद-उल-अजहा 28 मई को मनाई जाएगी.

नई दिल्ली: देशभर में बकरीद यानी ईद अल अधा की तारीख को लेकर चल रहा इंतजार अब खत्म हो गया है. जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद शबान बुखारी ने घोषणा की है कि इस वर्ष ईद-उल-अजहा 28 मई को मनाई जाएगी. चांद दिखने के बाद यह ऐलान किया गया, जिसके साथ ही देशभर में त्योहार की तैयारियां तेज हो गई हैं. मुस्लिम समुदाय के लोग अब नमाज, कुर्बानी और त्योहार से जुड़ी रस्मों की तैयारियों में जुट गए हैं.
आस्था और इंसानियत का पर्व है बकरीद
बकरीद इस्लाम धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक मानी जाती है. इसे त्याग, आस्था और इंसानियत का पर्व कहा जाता है. इस दिन मुस्लिम समुदाय विशेष नमाज अदा करता है और अल्लाह की राह में कुर्बानी देकर हजरत इब्राहिम की कुर्बानी और समर्पण को याद करता है. त्योहार का मकसद सिर्फ धार्मिक परंपराओं का पालन करना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की मदद करना और समाज में भाईचारे का संदेश फैलाना भी होता है.
इस्लामिक कैलेंडर पूरी तरह चंद्रमा की गतिविधियों पर आधारित होता है. हर नए महीने की शुरुआत चांद दिखाई देने के बाद ही मानी जाती है. जिलहिज्जा इस्लामी साल का आखिरी महीना होता है और इसे बेहद पवित्र माना जाता है. इसी महीने में हज यात्रा भी होती है. इसलिए दुनियाभर के मुसलमानों की नजर चांद दिखने की घोषणा पर टिकी रहती है.
उधर, सऊदी अरब में भी हज की तैयारियां तेज हो गई हैं. हर साल लाखों श्रद्धालु मक्का पहुंचते हैं और हज की धार्मिक यात्रा पूरी करते हैं. सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने लोगों से अपील की थी कि वे चांद देखने की कोशिश करें और चांद नजर आने पर इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें.
बकरीद पर बनते हैं लजीज पकवान
बकरीद केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है. इस मौके पर परिवार और रिश्तेदार एक साथ इकट्ठा होते हैं. लोग नए कपड़े पहनते हैं, घर सजाते हैं और एक-दूसरे को मुबारकबाद देते हैं. त्योहार के दौरान बिरयानी, कबाब, कोरमा और सेवइयां जैसे खास पकवान बनाए जाते हैं. लोग अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और जरूरतमंदों के बीच खाना बांटकर खुशियां साझा करते हैं.
इस त्योहार का सामाजिक महत्व भी काफी बड़ा माना जाता है. बकरीद लोगों को त्याग, सेवा और इंसानियत का संदेश देती है. यही वजह है कि इसे केवल धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि भाईचारे और आपसी प्रेम का प्रतीक भी माना जाता है. इस बार 28 मई को मनाई जाने वाली बकरीद को लेकर बाजारों में भी रौनक बढ़ने लगी है और लोगों में त्योहार को लेकर खासा उत्साह दिखाई दे रहा है.


