'भारत-चीन पर टैरिफ लगाओ', रूस से तेल खरीद पर गुस्साया अमेरिका, G7 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक में उठाई मांग
अमेरिका ने रूस से सस्ता तेल खरीदने पर भारत और चीन के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए यूरोपीय संघ और G7 देशों से अपील की है कि दोनों देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाए. वॉशिंगटन का कहना है कि इनकी तेल खरीद से मॉस्को को यूक्रेन युद्ध में आर्थिक मजबूती मिल रही है.

Tariffs on India: अमेरिका ने रूस से तेल खरीद जारी रखने वाले देशों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए यूरोपीय संघ (EU) और G7 देशों से अपील की है कि वे भारत और चीन पर टैरिफ लगाएं. वॉशिंगटन का कहना है कि इन दोनों देशों द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीदारी जारी रखना, मॉस्को को यूक्रेन युद्ध के लिए आर्थिक सहारा दे रहा है.
यह अपील शुक्रवार को हुई G7 वित्त मंत्रियों की बैठक में रखी गई, जिसमें रूस पर नए प्रतिबंधों और उन देशों पर दंडात्मक व्यापारिक कदम उठाने पर चर्चा हुई जो अप्रत्यक्ष रूप से रूस की युद्ध मशीन को ऊर्जा दे रहे हैं.
टैरिफ को लेकर अमेरिका का सख्त रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत से आयातित सामानों पर टैरिफ दोगुना कर 50% कर दिया है. ट्रंप ने यह दबाव भारत पर डालने के लिए बढ़ाया ताकि नई दिल्ली रूसी कच्चे तेल की खरीद बंद करे. हालांकि, चीन के खिलाफ इस तरह का कदम फिलहाल नहीं उठाया गया है.
अमेरिका ने की एकजुट मोर्चे की अपील
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने बैठक में कहा, "केवल एक एकीकृत प्रयास से, जो पुतिन की युद्ध मशीन को वित्तपोषित करने वाले राजस्व को स्रोत पर ही रोक देगा, हम निरर्थक हत्या को रोकने के लिए पर्याप्त आर्थिक दबाव डालने में सक्षम होंगे."
बैठक की अध्यक्षता कर रहे कनाडा के वित्त मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शांपेन ने बताया कि मंत्रियों ने रूस की जमी हुई संपत्तियों का उपयोग यूक्रेन की रक्षा में करने और प्रतिबंधों को तेज करने पर भी चर्चा की.
भारत-चीन पर मीनिंगफुल टैरिफ की मांग
अमेरिकी ट्रेजरी प्रवक्ता ने स्पष्ट कहा कि G7 और EU को चीन और भारत के खिलाफ मीनिंगफुल टैरिफ लगाने चाहिए ताकि दोनों देश रूस से तेल खरीद बंद करें.
भारत-अमेरिका संबंधों में उतार-चढ़ाव
रूसी तेल को लेकर अमेरिका और भारत के बीच तनातनी देखने को मिली है. ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत पर भारी टैरिफ लगाए जाने के बाद रिश्तों में खटास आई थी. हालांकि हाल ही में दोनों देशों के बीच रिश्तों में नरमी आई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारत और अमेरिका करीबी मित्र और स्वाभाविक साझेदार हैं. मुझे विश्वास है कि हमारी व्यापार वार्ताएँ भारत-अमेरिका साझेदारी की असीम संभावनाओं को उजागर करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी."
ट्रंप ने भी ट्रुथ सोशल पर लिखा कि भारत और अमेरिका व्यापार अवरोधों को दूर करने के लिए बातचीत जारी रखे हुए हैं.
रूसी तेल खरीद पर भारत का रुख
भारत ने साफ किया है कि रूसी तेल खरीदने का निर्णय उसकी ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए किफायती दाम बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है. नई दिल्ली का कहना है कि राष्ट्रीय हित सर्वोपरि हैं और रूस से सस्ता कच्चा तेल भारत की अर्थव्यवस्था के लिए अहम है.


