Video: धरती पर लौटने के बाद Sunita Williams ने मुस्कुराकर हिलाया हाथ, देखें कैप्सूल से कैसे आईं बाहर

Sunita Williams First Visual: नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनिता विलियम्स और बुच विलमोर 286 दिनों के बाद आखिरकार अंतरिक्ष से सफलतापूर्वक धरती पर वापस आ गए हैं. दोनों स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल के जरिए मंगलवार को मेक्सिको की खाड़ी में स्प्लैशडाउन कर लौटे. कैप्सूल से बाहर आते ही सुनिता विलियम्स ने मुस्कुराते हुए हाथ हिलाया.

Shivani Mishra
Edited By: Shivani Mishra

Sunita Williams First Visual: नासा की जानी-मानी अंतरिक्ष यात्री सुनिता विलियम्स और उनके साथी बुच विलमोर 286 दिनों के बाद आखिरकार अंतरिक्ष से सफलतापूर्वक धरती पर वापस आ गए हैं. वे दोनों स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल के जरिए मेक्सिको की खाड़ी में सफलतापूर्वक स्प्लैशडाउन कर वापस आए. कैप्सूल से बाहर निकलते ही सुनिता विलियम्स ने मुस्कुराते हुए हाथ हिलाया, जिससे उनकी खुशी साफ झलक रही थी. 

सुनिता विलियम्स और बुच विलमोर जून 2023 में बोइंग के स्टारलाइनर कैप्सूल से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए रवाना हुए थे. यह उड़ान केवल कुछ दिनों की परीक्षण यात्रा होनी थी, लेकिन तकनीकी खराबियों के कारण उनका वापस लौटना संभव नहीं हो सका. इस समस्या के चलते नासा को उनकी वापसी के लिए नया समाधान खोजना पड़ा, जिससे उनका मिशन अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया. यह अमेरिका के इतिहास में छठा सबसे लंबा अंतरिक्ष अभियान भी बन गया.

स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल बना वापसी का जरिया

सितंबर 2023 में नासा ने उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए स्पेसएक्स के क्रू-9 मिशन के तहत दो नए अंतरिक्ष यात्रियों को ISS भेजा. आमतौर पर इन मिशनों में चार अंतरिक्ष यात्री होते हैं, लेकिन इस बार केवल दो को भेजा गया ताकि विलियम्स और विलमोर के लिए भी वापसी का स्थान सुरक्षित रखा जा सके. क्रू-10 मिशन के आगमन के बाद उनके लौटने का रास्ता साफ हो गया.

मुस्कुराते हुए कैमरों की ओर हिलाया हाथ

स्प्लैशडाउन के महज एक घंटे के भीतर दोनों अंतरिक्ष यात्री अपने कैप्सूल से बाहर आ गए और स्ट्रेचर पर बैठकर मुस्कुराते हुए कैमरों की ओर हाथ हिलाया. इसके बाद उन्हें रूटीन मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया.

छठा सबसे लंबा अमेरिकी अंतरिक्ष मिशन

286 दिनों का यह अंतरिक्ष मिशन अमेरिका के इतिहास में अब तक का छठा सबसे लंबा अभियान बन गया है. आमतौर पर ISS में छह महीने के लिए अंतरिक्ष यात्री भेजे जाते हैं, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते विलियम्स और विलमोर को इस अवधि से कहीं अधिक समय तक वहां रहना पड़ा.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag