नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर नए मोड़ पर पहुंच गया है. पूर्वी यूक्रेन के रणनीतिक महत्व वाले शहर कोस्त्यांतैनिव्का को लेकर दोनों देशों के दावे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं. जहां रूस ने इस शहर पर कब्जा करने का दावा किया है, वहीं यूक्रेन ने इसे पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि वहां अभी भी उसके सैनिक डटे हुए हैं और लड़ाई लगातार जारी है. इस बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस पर नए बड़े हमले की तैयारी करने का आरोप भी लगाया है.
रूस ने इस सप्ताह दावा किया कि उसकी सेना ने डोनेट्स्क क्षेत्र के महत्वपूर्ण शहर कोस्त्यांतैनिव्का पर नियंत्रण हासिल कर लिया है. यह शहर रणनीतिक रूप से काफी अहम माना जाता है, क्योंकि यहां से डोनेट्स्क के कई प्रमुख इलाकों तक पहुंच आसान होती है. हालांकि, यूक्रेन ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया है. कीव का कहना है कि उसके सैनिक अब भी शहर में मौजूद हैं और रूसी सेना के खिलाफ लगातार मोर्चा संभाले हुए हैं.
राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अपने दैनिक संबोधन में कहा कि कोस्त्यांतैनिव्का में संघर्ष अभी भी जारी है. उन्होंने रूस के कब्जे के दावे को अस्वीकार करते हुए कहा कि स्थिति पूरी तरह रूस के दावों के अनुरूप नहीं है. जेलेंस्की ने यह भी कहा कि रूसी नेतृत्व की ओर से किए जा रहे दावे वास्तविक हालात को नहीं दर्शाते. उनके अनुसार, यूक्रेनी सेना शहर की रक्षा में पूरी मजबूती के साथ जुटी हुई है.
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने दावा किया कि उनकी खुफिया एजेंसियों को संकेत मिले हैं कि रूस आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर नए सैन्य हमलों की तैयारी कर रहा है. उन्होंने कहा कि यह गतिविधियां ऐसे समय में बढ़ रही हैं, जब तुर्की में नाटो शिखर सम्मेलन आयोजित होने वाला है. इसी सम्मेलन के दौरान जेलेंस्की की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से युद्ध की स्थिति और आगे की रणनीति पर बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है.
जेलेंस्की ने याद दिलाया कि कुछ दिन पहले उन्होंने कीव पर संभावित रूसी हमले की चेतावनी दी थी. इसके कुछ ही समय बाद राजधानी पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले हुए, जिनमें कई लोगों की जान चली गई. उन्होंने कहा कि ऐसे हमले इस बात का संकेत हैं कि रूस अब भी अपनी सैन्य कार्रवाई को तेज करने की कोशिश कर रहा है.
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि रूस के भीतर किए जा रहे यूक्रेनी हमलों का असर दिखाई देने लगा है. उनके मुताबिक, हाल के महीनों में रूस के कई इलाकों में सैन्य और ऊर्जा से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया है. उन्होंने दावा किया कि तेल भंडारण केंद्रों और ईंधन डिपो पर हुए हमलों से रूस की आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है और इसका असर वहां के सामान्य जीवन पर भी पड़ रहा है.
जेलेंस्की ने कहा कि यदि इस युद्ध का स्थायी समाधान निकालना है तो रूस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार दबाव बनाए रखना होगा. उन्होंने दोहराया कि यूक्रेन पहले ही शांति के लिए अपने प्रस्ताव सामने रख चुका है और उसे उम्मीद है कि आने वाले समय में या तो कूटनीतिक प्रयासों से या फिर मजबूत अंतरराष्ट्रीय दबाव के जरिए सम्मानजनक शांति का रास्ता निकलेगा. रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा यह संघर्ष यूरोप के सबसे बड़े युद्धों में गिना जाता है. युद्ध शुरू होने के बाद से दोनों देशों के बीच लगातार सैन्य कार्रवाई जारी है और हाल के दिनों में भी ड्रोन तथा मिसाइल हमलों में कई लोगों की जान जाने की खबरें सामने आई हैं. First Updated : Monday, 06 July 2026