ईरान के खिलाफ युद्ध में उतरेगा UAE? होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए अमेरिका से मिलाया हाथ
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच UAE अब होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए अमेरिका के साथ सैन्य भूमिका निभाने की तैयारी कर रहा है. इससे खाड़ी देशों की रणनीति में बड़ा बदलाव और संघर्ष के बढ़ने की आशंका है.

मध्य पूर्व में तनाव कम होने के बजाय अब और बढ़ता दिखाई दे रहा है. ईरान के साथ जारी संघर्ष ने नया मोड़ ले लिया है. संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) अब सिर्फ दर्शक नहीं रहना चाहता, बल्कि सीधे तौर पर इस टकराव में शामिल होने की तैयारी कर रहा है. इससे आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य इस पूरे विवाद का सबसे अहम बिंदु बन गया है.
यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल और गैस व्यापार के लिए बेहद जरूरी है. खबरों के मुताबिक, यूएई अब इस जलमार्ग को सुरक्षित करने के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ मिलकर सैन्य कदम उठाने पर विचार कर रहा है. अगर ऐसा होता है, तो यह पहली बार होगा जब कोई खाड़ी देश खुले तौर पर इस संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभाएगा.
यूएई का बदलता रुख
अब तक यूएई ने ईरान के साथ संतुलन बनाए रखने की कोशिश की थी. दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध भी रहे हैं और यूएई कई बार मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है. लेकिन हाल के हमलों के बाद अब उसका रुख सख्त हो गया है. सूत्रों के अनुसार, यूएई संयुक्त राष्ट्र में एक ऐसे प्रस्ताव के लिए समर्थन जुटा रहा है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने के लिए सैन्य कार्रवाई की अनुमति दे सके. इसके लिए वह अमेरिका, यूरोप और एशिया के देशों से गठबंधन बनाने की कोशिश कर रहा है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की ओर से पिछले कुछ हफ्तों में यूएई पर सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए हैं, जिससे वहां के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र को खतरा बढ़ गया है. एक अधिकारी के अनुसार, ईरान अब अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है और वह वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करने के लिए इस अहम जलमार्ग को बंद करने से पीछे नहीं हटेगा.
ऐसे में यूएई अब सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं रहना चाहता. वह इस बात पर विचार कर रहा है कि सैन्य स्तर पर कैसे योगदान दिया जाए. इसमें समुद्री खदानों को हटाना, जहाजों की सुरक्षा करना और अन्य जरूरी सेवाएं शामिल हो सकती हैं. कुछ सुझावों में यह भी कहा गया है कि अमेरिका को जलडमरूमध्य के पास स्थित अहम द्वीपों पर नियंत्रण करना चाहिए, हालांकि इस पर विवाद भी है.
खाड़ी देशों की रणनीति में बदलाव
सिर्फ यूएई ही नहीं, बल्कि सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देश भी अब ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपना रहे हैं. हालांकि, उन्होंने अभी तक सीधे तौर पर अपनी सेनाएं नहीं उतारी हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि ईरान पर दबाव बना रहे. यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अब तक ये देश संघर्ष से दूरी बनाए हुए थे.


