मार्गशीर्ष माह में लड्डू गोपाल की करें विशेष पूजा, जीवन के सभी कष्टों से मिलेगी मुक्ति

आज से मार्गशीर्ष माह की पवित्र शुरुआत हो गई है.हिंदू धर्म में हर तिथि, वार व माह का अपना विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है.हिंदू पंचांग के अनुसार, यह वर्ष का नौवां महीना होता है. इसे अगहन माह या अगहन मास के नाम से भी जाना जाता है.धार्मिक ग्रंथों में इस माह का विशेष महत्व बताया गया है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

आज से मार्गशीर्ष माह की पवित्र शुरुआत हो गई है.हिंदू धर्म में हर तिथि, वार व माह का अपना विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है.हिंदू पंचांग के अनुसार, यह वर्ष का नौवां महीना होता है. इसे अगहन माह या अगहन मास के नाम से भी जाना जाता है.धार्मिक ग्रंथों में इस माह का विशेष महत्व बताया गया है.माना जाता है कि इस महीने में किए गए स्नान, दान, और दीपदान से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं. व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है.

भगवान को अत्यंत प्रिय है मार्गशीर्ष माह

भगवान श्रीकृष्ण ने भी श्रीमद्भगवद्गीता में इस माह का विशेष उल्लेख किया है.गीता में श्रीकृष्ण कहते हैं कि  *“मासानां मार्गशीर्षोऽहम्”* अर्थात  सभी महीनों में मैं मार्गशीर्ष हूं. इससे स्पष्ट होता है कि भगवान को यह महीना अत्यंत प्रिय है. माना जाता है कि इसी माह में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था,इसलिए यह महीना आध्यात्मिक साधना और भक्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है.

लड्डू गोपाल की विशेष पूजा का महत्व

पंचांग के अनुसार, इस वर्ष मार्गशीर्ष मास की शुरुआत 6 नवंबर 2025, गुरुवार से हुई है.इससे एक दिन पहले कार्तिक पूर्णिमा मनाई गई थी और उसके अगले दिन से यह पवित्र माह प्रारंभ हो गया.इसका समापन 4 दिसंबर 2025 को मार्गशीर्ष पूर्णिमा के साथ होगा. इस महीने में लड्डू गोपाल (बाल स्वरूप श्रीकृष्ण) की पूजा विशेष रूप से की जाती है.धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति इस माह में श्रद्धा और नियम से लड्डू गोपाल की पूजा करता है, उस पर पूरे वर्ष भगवान श्रीकृष्ण की कृपा बनी रहती है.

पूजा करने की विधि क्या है

प्रत्येक दिन सूर्योदय से पहले किसी पवित्र नदी या स्वच्छ जल में स्नान करें.फिर तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल अर्पित करें और उनकी आराधना करें.इसके बाद लड्डू गोपाल को घंटी बजाकर जगाएं, उन्हें स्नान कराएं और साफ वस्त्र पहनाएं. भगवान को केसर का तिलक लगाएं और उनका सुंदर श्रृंगार करें.इसके बाद तिल और गुड़ का भोग लगाएं, जो इस माह में अत्यंत शुभ माना गया है. इसके बाद फिर “कृं कृष्णाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें और लड्डू गोपाल की आरती करें.पूजा के बाद लगभग 10 मिनट तक बाल गोपाल को सूर्य की किरणों का दर्शन कराएं.ऐसा करने से घर में सुख-शांति, समृद्धि और भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद बना रहता है.

कष्टों का अंत होता है

आपको बता दें कि मार्गशीर्ष माह को धर्म, दान और साधना का महीना कहा जाता है. इस महीने में नियमित पूजा, दान और सत्य आचरण से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और सभी कष्टों का अंत होता है.
 

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