भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल अक्सर अपने खेल से अधिक निजी जीवन को लेकर चर्चा में रहते हैं. हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू में अपने डिवोर्स के बाद की मानसिक स्थिति पर खुलकर बातचीत की, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे सोशल मीडिया ट्रोलिंग ने उन्हें गहरे अवसाद में धकेल दिया.
एक पॉडकास्ट में चहल ने कहा कि जब उनका तलाक धनश्री वर्मा से हुआ, तब सोशल मीडिया पर उन्हें 'धोखेबाज' तक कहा गया. उन्होंने जोर देकर कहा कि वे रिश्ते में पूरी तरह ईमानदार थे और इस तरह की आलोचनाओं से उन्हें गहरी ठेस पहुंची. उन्होंने बताया कि मैंने किसी को कभी धोखा नहीं दिया. मैं हमेशा वफादार रहा हूं. लेकिन लोगों ने बिना सच्चाई जाने मुझे गलत समझा.
चहल के अनुसार, उन्होंने कभी अपनी सफाई देने की कोशिश नहीं की क्योंकि उन्हें लगता है कि जो लोग सच जानते हैं, वही मायने रखते हैं. उन्होंने आगे कहा कि इस कठिन समय में भी उन्होंने खुद को संभालने की कोशिश की, लेकिन भावनात्मक तनाव इतना अधिक था कि उन्हें आत्महत्या जैसे विचार भी आने लगे.
उन्होंने कहा कि मैं करीब 4-5 महीने तक डिप्रेशन में रहा और मुझे एंग्जायटी अटैक आते थे. यह बात मैंने सिर्फ अपने बेहद करीबी लोगों से साझा की थी. मैं सहानुभूति पाने के लिए यह सब नहीं कह रहा, बल्कि इसलिए कह रहा हूं क्योंकि मानसिक स्वास्थ्य एक गंभीर विषय है.
आरजे महवश के साथ रिश्ते की अफवाहों पर भी चहल ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि केवल किसी के साथ दिखाई देने मात्र से लोगों ने कहानियां बनाना शुरू कर दीं. अगर मैं किसी के साथ दिख जाऊं, तो इसका मतलब यह नहीं कि मेरे बारे में कुछ भी लिखा जाए. लोग सिर्फ व्यूज़ के लिए ऐसी बातें फैलाते हैं.
युजवेंद्र चहल की यह स्वीकारोक्ति न केवल उनके भीतर के संघर्ष को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सेलिब्रिटी होने के बावजूद मानसिक स्वास्थ्य का महत्व कितना अधिक है. First Updated : Friday, 01 August 2025