काबुल में तबाही के बाद पाक पर फूटा राशिद खान का गुस्सा, कहा- नागरिकों को निशाना बनाना ‘युद्ध अपराध’

काबुल में कथित हवाई हमले में सैकड़ों लोगों की मौत के बाद राशिद खान और मोहम्मद नबी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. राशिद ने इसे युद्ध अपराध बताते हुए अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की, जबकि पाकिस्तान ने आरोपों से इनकार किया.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में हुए भीषण हवाई हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस हमले में सैकड़ों लोगों की जान जाने की खबर के बाद न सिर्फ आम लोग बल्कि खेल जगत की बड़ी हस्तियां भी आक्रोश में हैं. अफगानिस्तान के स्टार क्रिकेटर और पूर्व कप्तान राशिद खान ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे अमानवीय और गंभीर अपराध बताया है.

अफगान अधिकारियों के मुताबिक, यह हवाई हमला काबुल के एक ऐसे अस्पताल पर हुआ जहां नशा मुक्ति का इलाज किया जाता था. इस हमले में अस्पताल का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया. शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार मृतकों की संख्या बढ़कर 400 तक पहुंच गई है, जबकि 250 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. इस घटना ने पूरे देश में शोक और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है.

राशिद खान का कड़ा बयान

राशिद खान ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि "काबुल में पाकिस्तानी हवाई हमलों के कारण आम नागरिकों के हताहत होने की ताज़ा रिपोर्टों से मुझे गहरा दुख हुआ है. आम नागरिकों के घरों, शिक्षण संस्थानों या चिकित्सा सुविधाओं को निशाना बनाना, चाहे जान-बूझकर किया गया हो या गलती से, एक युद्ध अपराध है. इंसानी जानों के प्रति इस तरह की घोर उपेक्षा, खासकर रमज़ान के पवित्र महीने में, बेहद घिनौनी और गहरी चिंता का विषय है."

उन्होंने आगे कहा कि, "इससे केवल फूट और नफ़रत ही बढ़ेगी. मैं संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवाधिकार एजेंसियों से अपील करता हूं कि वे इस ताज़ा अत्याचार की गहन जांच करें और इसके दोषियों को जवाबदेह ठहराएँ. इस मुश्किल घड़ी में मैं अपने अफ़ग़ान लोगों के साथ खड़ा हूं. हम इस सदमे से उबरेंगे, और एक राष्ट्र के रूप में फिर से उठ खड़े होंगे. हम हमेशा ऐसा ही करते आए हैं. इंशाअल्लाह!"

मोहम्मद नबी ने भी जताया दुख

इस घटना पर अफगानिस्तान के अनुभवी ऑलराउंडर मोहम्मद नबी ने भी गहरी पीड़ा व्यक्त की. उन्होंने कहा कि "आज रात काबुल के एक अस्पताल में उम्मीद की लौ बुझ गई. इलाज के लिए आए युवा पुरुषों को पाकिस्तानी सैन्य शासन द्वारा की गई बमबारी में मार डाला गया. दरवाज़े पर खड़ी माताएं अपने बेटों के नाम पुकारती रहीं. रमज़ान की 28वीं रात को, उनकी ज़िंदगी असमय ही छीन ली गई."

पाकिस्तान ने आरोपों से किया इनकार

वहीं, पाकिस्तान ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है. पाकिस्तान का कहना है कि उसके हमले का निशाना कोई नागरिक क्षेत्र नहीं था, बल्कि आतंकवादी ठिकाने थे. अधिकारियों ने दावा किया कि कार्रवाई केवल सुरक्षा के मद्देनजर की गई थी.

सीमा पर बढ़ता तनाव

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले कई दिनों से तनाव बना हुआ है. दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीमा पर कई बार झड़पें हो चुकी हैं, जिनमें भारी नुकसान हुआ है. बताया जा रहा है कि इस साल फरवरी से ही हालात बिगड़ने लगे थे, जब सीमा पार हमलों के बाद दोनों देशों ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी. पाकिस्तान ने इस स्थिति को “खुला युद्ध” तक बताया, जबकि अफगानिस्तान ने इसे अपनी संप्रभुता की रक्षा का मामला बताया है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो