आईसीसी पुरुष अंडर-19 विश्व कप 2026 अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां खिताबी मुकाबले में भारत और इंग्लैंड की युवा टीमें आमने-सामने होंगी. यह बहुप्रतीक्षित फाइनल मुकाबला 6 फरवरी को जिम्बाब्वे की राजधानी हरारे स्थित हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा.
भारतीय टीम इस मैच में रिकॉर्ड छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम करने के इरादे से उतरेगी, जबकि इंग्लैंड की कोशिश दूसरी बार विश्व विजेता बनने की होगी. भारतीय समयानुसार टॉस दोपहर 12:30 बजे होगा और मैच की पहली गेंद दोपहर 1 बजे फेंकी जाएगी.
यह भारतीय अंडर-19 टीम के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है. भारत ने अब तक 10वीं बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई है और खास बात यह है कि टीम लगातार छठा फाइनल खेलने जा रही है. यह सिलसिला साल 2016 से चला आ रहा है. भारत ने इससे पहले 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में खिताब जीतकर अंडर-19 क्रिकेट में अपना दबदबा साबित किया है. दूसरी ओर, इंग्लैंड ने अब तक सिर्फ एक बार, साल 1998 में न्यूजीलैंड को हराकर यह ट्रॉफी जीती थी.
फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम के बल्लेबाजों से एक बार फिर दमदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी. सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी ने 68 रनों की अहम पारी खेली थी, जबकि एरॉन जॉर्ज ने शानदार शतक जड़कर टीम को फाइनल तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई. कप्तान आयुष म्हात्रे, उपकप्तान विहान मल्होत्रा और विकेटकीपर अभिज्ञान कुंडू भी पूरे टूर्नामेंट में अच्छी लय में नजर आए हैं.
गेंदबाजी विभाग में भी भारत मजबूत दिखाई देता है. आरएस अम्बरीश, दीपेश देवेंद्रन, हेनिल पटेल, खिलान पटेल और कनिष्क चौहान ने अहम मौकों पर विकेट निकालकर विपक्षी टीमों पर दबाव बनाया है.
इंग्लैंड की टीम भी संतुलित नजर आ रही है. कप्तान और विकेटकीपर थॉमस रेव, बल्लेबाज बेन डॉकिन्स और ऑलराउंडर फरहान अहमद टीम की ताकत माने जा रहे हैं. इंग्लैंड की गेंदबाजी यूनिट ने भी पूरे टूर्नामेंट में अनुशासित प्रदर्शन किया है.
अगर दोनों टीमों के आपसी रिकॉर्ड पर नजर डालें तो अंडर-19 स्तर पर भारत का पलड़ा भारी रहा है. अब तक खेले गए 55 मुकाबलों में भारत ने 41 मैच जीते हैं, जबकि इंग्लैंड को 13 बार सफलता मिली है. एक मुकाबला टाई रहा है. First Updated : Friday, 06 February 2026