नई दिल्लीः अबू धाबी में मंगलवार को हुई आईपीएल 2026 की नीलामी में कुल 77 खिलाड़ियों को नई टीमों में शामिल किया गया. 10 फ्रेंचाइजी ने मिलकर 215.15 करोड़ रुपये खर्च किए. सबसे ज्यादा चर्चा कोलकाता नाइट राइडर्स और चेन्नई सुपर किंग्स ने बटोरी, जिन्होंने क्रमशः 64.30 करोड़ रुपये और 43.40 करोड़ रुपये के बजट से बड़े बदलाव किए. नीलामी में विदेशी और भारतीय अनकैप्ड खिलाड़ियों का मिश्रण देखा गया, जिनकी खरीद टीमों के दीर्घकालिक रणनीति और जोखिम-लाभ विश्लेषण पर आधारित रही.
केकेआर ने ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन को रिकॉर्ड 25.20 करोड़ रुपये में खरीदा और श्रीलंकाई तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना के लिए 18 करोड़ रुपये खर्च किए. वहीं, सीएसके ने अनकैप्ड जोड़ी प्रशांत वीर और कार्तिक शर्मा को 14.20 करोड़ रुपये प्रति खिलाड़ी में खरीदकर नया इतिहास रचा. इस कदम से टीम का भारतीय कोर मजबूत हुआ और खोई हुई रणनीतिक गहराई को फिर से भरा गया.
पृथ्वी शॉ और सरफराज खान जैसी घरेलू सितारों को शुरुआती दौर में अनसोल्ड रहना पड़ा, लेकिन बाद में त्वरित नीलामी में उन्हें क्रमशः दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स ने 75 लाख रुपये में हासिल किया.
डीसी ने नीलामी में सलामी बल्लेबाज पथुम निस्संका और भारतीय बैकअप पृथ्वी शॉ को साइन किया. मध्यक्रम में डेविड मिलर को किफायती विकल्प के रूप में शामिल किया गया, जबकि औकिब नबी डार पावरप्ले और ऑलराउंड विकल्प में उभरे. गेंदबाजी में मथीशा पथिराना और मुस्तफिजुर रहमान को तोड़ा गया, लेकिन लुंगी एनगिडी और काइल जैमीसन को बेस प्राइस पर जोड़ा.
आरसीबी ने तेज गेंदबाजी पर ध्यान केंद्रित किया. जैकब डफी और मंगेश यादव को खरीदा और वेंकटेश अय्यर को 7 करोड़ रुपये में टीम में वापस लाया. भारतीय बल्लेबाजी मजबूत हुई, जबकि स्पिन बैकअप में सुधार की जरूरत बनी रही.
केकेआर ने विदेशी और भारतीय खिलाड़ियों में संतुलन साधा. कैमरून ग्रीन, मथीशा पथिराना और मुस्तफिजुर रहमान की खरीद से टीम की ताकत बढ़ी. कप्तान अजिंक्य रहाणे और विदेशी बल्लेबाज रोवमैन पॉवेल को टीम में शामिल कर संतुलित इकाई तैयार की.
सीएसके ने अनकैप्ड जोड़ी पर भारी निवेश किया. राहुल चाहर, सरफराज खान, एडम मिल्ने और जैक फॉल्क्स को शामिल कर टीम का संतुलन बनाए रखा. रणनीति का उद्देश्य भारतीय कोर को मजबूत करना और अनुभव का मिश्रण बनाए रखना रहा.
पीबीकेएस ने बजट नियंत्रित रखा और टीम की गहराई बढ़ाने पर ध्यान दिया. राजस्थान रॉयल्स ने भारतीय खिलाड़ियों पर ध्यान केंद्रित किया और स्पिन विकल्प मजबूत किया. सनराइजर्स हैदराबाद और गुजरात टाइटन्स ने संयमित खरीदारी की, जबकि मुंबई इंडियंस ने सीमित बोलियों में बैकअप खिलाड़ियों पर जोर दिया. लखनऊ सुपर जायंट्स ने भी संतुलित नीलामी की, जहां प्रमुख खरीद जोश इंग्लिस रहे.
First Updated : Wednesday, 17 December 2025