नई दिल्ली: भारत बनाम इंग्लैंड टी20 सीरीज का रोमांच चरम पर है, लेकिन भारतीय टीम के लिए यह दौरा अब तक उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है. सीरीज का पहला मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया था, जबकि मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे मैच में 191 रनों का बड़ा स्कोर बनाने के बावजूद भारत को शिकस्त झेलनी पड़ी. इस हार के बाद अब सबकी नजरें कल यानी 7 जुलाई को ट्रेंट ब्रिज में होने वाले तीसरे और निर्णायक मुकाबले पर टिकी हैं. भारतीय टीम इस मैच में अपनी पहली जीत दर्ज करने के इरादे से उतरेगी. जिसके लिए प्लेइंग-XI में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
दूसरे टी20 मैच में मिली हार का सबसे बड़ा कारण स्पिनर रवि बिश्नोई का एक ओवर माना जा रहा है. दरअसल, जब इंग्लैंड की टीम 191 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी, तब मुकाबला बेहद कड़ा था. 16वें ओवर तक इंग्लैंड को जीत के लिए 24 गेंदों में 49 रनों की जरूरत थी. मैच भारत की पकड़ में नजर आ रहा था, लेकिन कप्तान श्रेयस अय्यर ने 17वां ओवर रवि बिश्नोई को सौंपा.
बिश्नोई ने इस ओवर में बेहद दिशाहीन गेंदबाजी की और 2 नो-बॉल समेत कुल 29 रन लुटा दिए. मैच में यह तीसरी बार था जब उन्होंने नो-बॉल फेंकने की गलती की, जिसे अनुशासन की कमी के तौर पर देखा जा रहा है. इस एक ओवर ने पूरे मैच का पासा पलट दिया. खुद कप्तान श्रेयस अय्यर ने मैच के बाद स्वीकार किया कि यही ओवर मुकाबले का टर्निंग पॉइंट था. खराब प्रदर्शन और अतिरिक्त रन देने के चलते ट्रेंट ब्रिज में बिश्नोई को प्लेइंग-XI से बाहर बैठना पड़ सकता है.
रवि बिश्नोई के बाहर होने की स्थिति में टीम मैनेजमेंट के पास दो मजबूत विकल्प मौजूद हैं. अगर ट्रेंट ब्रिज की पिच से स्पिन गेंदबाजों को मदद मिलती है, तो ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर की टीम में वापसी लगभग तय है. सुंदर न सिर्फ कसी हुई ऑफ-स्पिन गेंदबाजी करते हैं, बल्कि निचले क्रम में आकर उपयोगी बल्लेबाजी भी कर सकते हैं. यदि पिच पर तेज गेंदबाजों के लिए अनुकूल परिस्थितियां हुईं, तो युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को मौका दिया जा सकता है. प्रिंस यादव शानदार फॉर्म में हैं और उन्होंने हाल ही में आयरलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में महज 22 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए थे.
इस अहम मुकाबले से पहले एक बड़ा सवाल यह भी था कि क्या मैनचेस्टर में डेब्यू करने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को टीम में बरकरार रखा जाएगा. वैभव को लगातार फ्लॉप चल रहे संजू सैमसन की जगह टीम में शामिल किया गया था. अपने पहले मैच में वैभव ने भले ही 14 रन बनाए हों, लेकिन उन्होंने मैदान पर जो निडरता और बेखौफ अंदाज दिखाया, उसने सिलेक्टर्स को प्रभावित किया है. क्रिकेट विशेषज्ञों का भी मानना है कि महज एक मैच के आधार पर किसी युवा खिलाड़ी को बाहर करना जल्दबाजी होगी. ऐसे में ट्रेंट ब्रिज में वैभव को एक और मौका मिलना तय माना जा रहा है. First Updated : Monday, 06 July 2026