जिसने उंगली पकड़कर चलना सिखाया, उसी ने 23वीं मंजिल से मासूम को फेंका, गुरुग्राम में दिल दहला देने वाली घटना
गुरुग्राम में एक व्यक्ति ने 23वीं मंजिल से पहले अपनी तीन साल की बेटी को नीचे फेंका और फिर खुद भी छलांग लगा दी. इस दर्दनाक घटना में पिता की मौके पर मौत हो गई, जबकि मासूम बच्ची ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया.

हरियाणा के गुरुग्राम से सोमवार को एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई. सेक्टर-102 स्थित हाई-राइज सोसाइटी जॉयविला में एक व्यक्ति ने अपनी तीन साल की मासूम बेटी को 23वीं मंजिल से नीचे फेंकने के बाद खुद भी छलांग लगा दी. इस भयावह घटना में पिता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल बच्ची ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया.
बेटी को टहलाने के बहाने घर से निकला था शख्स
पुलिस की शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपी व्यक्ति दोपहर के समय अपनी बेटी को टहलाने के बहाने घर से बाहर निकला था. परिवार के लोगों को जरा भी अंदाजा नहीं था कि वह लिफ्ट के जरिए सीधे ऊपरी मंजिल तक चला जाएगा. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े. जब लोगों ने नीचे देखा तो वहां का दृश्य बेहद दर्दनाक था, जिसे देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई. दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस अब सोसाइटी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना से पहले व्यक्ति कहां-कहां गया और उस समय उसके साथ क्या-क्या हुआ.
प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे आत्महत्या से जुड़ा मामला मानकर चल रही है. सूत्रों के अनुसार, मृतक पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव या पारिवारिक विवाद से गुजर रहा था. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है.
किराए पर रहता था मृतक
जानकारी के मुताबिक, मृतक अपनी पत्नी और तीन वर्षीय बेटी के साथ जॉयविला सोसाइटी के नोवे टावर में दो कमरे के फ्लैट में किराए पर रहता था. बताया जा रहा है कि दिल्ली निवासी राहुल सोमवार को अपनी बेटी को लेकर टावर-5 की 23वीं मंजिल पर पहुंचा और वहां से पहले बच्ची को नीचे फेंक दिया. इसके तुरंत बाद उसने खुद भी छलांग लगा दी.
घटना के बाद सोसाइटी में रहने वाले लोगों के बीच डर और सदमे का माहौल है. इस हादसे ने ऊंची इमारतों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है. फिलहाल पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. अधिकारी मामले की गहन जांच कर रहे हैं और जल्द ही घटना के पीछे की असली वजह सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है.


