Bihar Assembly Monsoon Session: बिहार विधानसभा का मानसून सत्र इस बार हंगामे और विरोध प्रदर्शनों के बीच सुर्खियों में है. सत्र के पहले दिन जहां विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सरकार पर हमला बोला, वहीं दूसरे दिन काले कपड़े पहनकर विधायकों ने सत्ता पक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.
विपक्षी दलों का आरोप है कि राज्य सरकार SIR प्रक्रिया में पक्षपात कर रही है और बिहार में बढ़ते अपराध पर चुप्पी साधे हुए है. विधायकों का साफ कहना है कि जब तक इन मुद्दों पर सदन में बहस नहीं करवाई जाएगी, तब तक वे विधानसभा की कार्यवाही नहीं चलने देंगे.
सोमवार को हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी. इसके बाद मंगलवार को विपक्षी विधायक काले कपड़े पहनकर विधानसभा पहुंचे. गेट पर धरना देते हुए विधायकों ने जमकर नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया.
विपक्ष ने सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) पर आरोप लगाया है कि वह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में निष्पक्षता नहीं बरत रही. उनका कहना है कि कई वर्गों को जानबूझकर सूची से बाहर किया जा रहा है.
विपक्ष ने बिहार में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को लेकर भी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और सरकार पूरी तरह असहाय नजर आ रही है.
बिहार विधानसभा का यह मानसून सत्र 25 जुलाई तक चलेगा और इसे नीतीश कैबिनेट का अंतिम सत्र माना जा रहा है. सत्र के दौरान निम्नलिखित कार्य होंगे-
सरकार की ओर से अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा
राज्यपाल द्वारा अनुमोदित अध्यादेशों की प्रतियां सदन में रखी जाएंगी
विभिन्न समितियों की रिपोर्टें सदन में प्रस्तुत की जाएंगी
23 जुलाई को राजकीय विधेयक और राजकीय कार्य
24 जुलाई को अनुपूरक बजट पर चर्चा और वोटिंग, विनियोग विधेयक भी पेश होगा
25 जुलाई को गैर सरकारी संकल्पों पर चर्चा की जाएगी