IndiGo Flight incident : मुंबई की एक महिला, रिया चटर्जी, जो गोल्ड मर्चेंडाइज प्लेटफॉर्म Safegold की सह-संस्थापक हैं और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की पूर्व छात्रा हैं, ने हाल ही में इंडिगो एयरलाइंस में एक बेहद असहज अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा किया. उन्होंने बताया कि 8 अगस्त की रात की एक फ्लाइट में उड़ान से पहले जब वह प्लेन के आगे वाले शौचालय का इस्तेमाल कर रही थीं, तब इंडिगो के एक को-पायलट ने दरवाजा तोड़कर भीतर झांक लिया, जबकि दरवाजा लॉक था.
दो बार खटखटाने के बाद जबरन खोला दरवाजा
रिया ने बताया कि जब वह शौचालय में थीं, तब किसी ने दरवाजा खटखटाया. उन्होंने जवाब भी दिया, लेकिन थोड़ी ही देर में दरवाजे पर दोबारा खटखटाहट हुई. जब उन्होंने और ज़ोर से जवाब दिया, उसी दौरान दरवाजा अचानक खुल गया. सामने एक पुरुष फ्लाइट क्रू जो बाद में को-पायलट निकला खड़ा था. उसने केवल "ओह" कहा और तुरंत दरवाजा बंद कर दिया.
फ्लाइट अटेंडेंट्स ने घटना को किया नजरअंदाज
घटना के बाद रिया खुद को असहज और असुरक्षित महसूस कर रही थीं. उन्होंने बताया कि फ्लाइट की महिला क्रू मेंबर्स ने घटना को सिर्फ “असुविधा” कहकर टालने की कोशिश की. उन्होंने यह भी कहा कि “शायद उन्होंने कुछ नहीं देखा होगा”. रिया ने महसूस किया कि उनकी स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था और इस दौरान उन्होंने फ्लाइट के बाकी 90 मिनट बेहद बेचैनी में बिताए.
को-पायलट और कैप्टन से नहीं हो सकी बात
रिया ने जब मामले पर बात करनी चाही, तो बताया गया कि उन्हें कॉकपिट में जाकर को-पायलट और कैप्टन से मिलना होगा. उन्होंने लिखा कि “हर महिला समझेगी कि ऐसी स्थिति में किसी पुरुष-प्रधान बंद जगह में जाने का क्या डर होता है.” उन्होंने मना कर दिया और फ्लाइट के दौरान किसी भी प्रकार की बातचीत से बचने की कोशिश की.
एयरलाइन ने दी आधी-अधूरी माफी
फ्लाइट के बाद रिया ने इंडिगो की लीडरशिप टीम से संपर्क किया, लेकिन जवाब में उन्हें केवल कॉरपोरेट भाषा में लिखी एक ईमेल और फोन कॉल्स मिले. एयरलाइन ने "गंभीर खेद" जताया, लेकिन रिया के अनुसार, वो खेद न तो व्यक्तिगत था और न ही ईमानदार. उन्हें एक रिफंड और कुछ वाउचर दिए गए, लेकिन उन्होंने साफ किया कि वह मुआवज़े के लिए पोस्ट नहीं कर रही थीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना चाहती थीं.
रिया की पोस्ट हुई वायरल, लोगों की तीखी प्रतिक्रिया
रिया की LinkedIn पोस्ट वायरल हो गई और कई लोगों ने एयरलाइन के रवैये पर नाराज़गी जताई. एक यूजर ने लिखा, "यह बेहद शर्मनाक है. किसी की निजता और सम्मान को इस तरह हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए." एक अन्य महिला ने साझा किया कि उसने भी इसी तरह का अनुभव किया है और अब वह हर बार फ्लाइट में वॉशरूम इस्तेमाल करते समय दरवाजे पर हाथ टिकाकर रखती हैं ताकि कोई अचानक अंदर न आ जाए.
क्या वाकई ये 'गलती' थी?
कई यूजर्स ने इस सवाल पर भी उंगली उठाई कि जब एयरक्राफ्ट वॉशरूम में 'ऑक्युपाइड' (व्यस्त) का रेड इंडिकेटर होता है, तो एक प्रशिक्षित को-पायलट ने उसे कैसे अनदेखा कर दिया? लोगों का मानना है कि ऐसी घटनाएं केवल गलती नहीं होतीं, बल्कि अक्सर लापरवाही और असंवेदनशीलता का परिणाम होती हैं.
रिया चटर्जी की इस पोस्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि केवल माफी मांगना काफी नहीं होता, खासकर जब किसी की निजता और आत्म-सम्मान का हनन हुआ हो. इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइन से अपेक्षा की जाती है कि वह अपने क्रू को न सिर्फ तकनीकी रूप से, बल्कि संवेदनशीलता और व्यवहार के स्तर पर भी प्रशिक्षित करे, ताकि यात्रियों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित हो सके.
First Updated : Tuesday, 19 August 2025