जेवर एयरपोर्ट को DGCA का लाइसेंस, उड़ान शुरू होने की राह साफ
डीजीसीए ने नोएडा के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एयरपोर्ट लाइसेंस दे दिया है, जिससे इसके संचालन की राह साफ हो गई है.

नोएडा के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने शुक्रवार को इस हवाई अड्डे को एयरपोर्ट लाइसेंस जारी कर दिया है. अधिकारियों के मुताबिक यह मंजूरी विमान नियम, 1937 के नियम 78 के तहत दी गई है.
सभी जरूरी सुरक्षा और संचालन संबंधी मानक पूर्ण
लाइसेंस मिलने के बाद अब एयरपोर्ट के वाणिज्यिक संचालन शुरू करने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी. हवाई अड्डा पूरी तरह तैयार होने के बाद इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने की संभावना है. DGCA द्वारा जारी यह लाइसेंस इस बात की पुष्टि करता है कि एयरपोर्ट ने सभी जरूरी सुरक्षा और संचालन संबंधी मानकों को पूरा कर लिया है. इसमें हवाई अड्डे के संचालन की प्रक्रियाएं, सुरक्षा व्यवस्था, बुनियादी ढांचा, नेविगेशन सिस्टम और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था शामिल हैं.
नियामक मानकों पर खरा उतरने के बाद ही किसी एयरपोर्ट को इस तरह का लाइसेंस दिया जाता है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टोफ श्नेलमान ने इस उपलब्धि को बेहद महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट लाइसेंस मिलना परियोजना की प्रगति में एक बड़ा मील का पत्थर है. उन्होंने बताया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी साझेदारों और टीमों ने मिलकर लगातार मेहनत की है. उनका कहना है कि एयरपोर्ट को आधुनिक सुविधाओं से लैस, कुशल और यात्रियों के अनुकूल बनाया जा रहा है, जो क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति देगा.
नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने क्या कहा?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि घरेलू उड़ानों और कार्गो सेवाओं के संचालन के लिए आवश्यक नियमों के तहत लाइसेंस जारी कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट का प्रमुख बुनियादी ढांचा लगभग पूरी तरह तैयार हो चुका है. बाकी बचे संचालन संबंधी इंतजाम और तैनाती का काम अगले लगभग 45 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा.
गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर में बन रहा यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के बड़े हवाई अड्डों में से एक बनने जा रहा है. इसके पहले चरण का निर्माण लगभग 1,300 हेक्टेयर क्षेत्र में किया गया है. इस चरण में एक रनवे और एक टर्मिनल भवन शामिल है. अनुमान है कि शुरुआती चरण में यह हवाई अड्डा हर साल करीब 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता रखेगा.
दिसंबर 2024 में इस एयरपोर्ट पर एक महत्वपूर्ण परीक्षण उड़ान भी सफलतापूर्वक पूरी की गई थी. इंडिगो एयरलाइन के एयरबस A320 विमान ने यहां सत्यापन उड़ान भरी थी, जिससे एयरपोर्ट की तकनीकी और परिचालन तैयारियों का परीक्षण किया गया था.
जल्द औपचारिक उद्घाटन की घोषणा
एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार संचालन के लिए आवश्यक लगभग सभी सुविधाएं स्थापित कर दी गई हैं. इनमें ग्राउंड हैंडलिंग, परिवहन सेवाएं, विमानन ईंधन, कार्गो संचालन, खुदरा दुकानें, खानपान सेवाएं और एयरपोर्ट होटल जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं. साथ ही भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा संचार और नेविगेशन सिस्टम भी सक्रिय कर दिए गए हैं. अब सुरक्षा एजेंसी BCAS से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत की जाएगी. इसके बाद एयरलाइनों की उड़ान समय-सारणी, टिकट बिक्री और औपचारिक उद्घाटन की घोषणा की जाएगी.


