Earthquake in Uttarkashi: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में लगातार दूसरे दिन धरती हिलने से दहशत का माहौल है. शनिवार तड़के 5:48 बजे भूकंप का हल्का झटका महसूस किया गया, जिसने लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया. शुक्रवार को भी जिले में लगातार तीन भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, जिससे वरुणावत भूस्खलन जोन में पत्थर गिरने की घटनाएं हुईं. भूकंप के इन झटकों ने 1991 के विनाशकारी भूकंप की यादें ताजा कर दी हैं.
शुक्रवार को उत्तरकाशी जिले में तीन बार धरती हिली. पहला झटका सुबह 7:41 बजे आया, जिसकी तीव्रता 2.7 थी और केंद्र तहसील भटवाड़ी के ग्राम तिलोथ के वन क्षेत्र में जमीन से 5 किमी नीचे था. दूसरा झटका 8:19 बजे महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 3.5 थी और केंद्र दायरा बुग्याल के वन क्षेत्र में था. तीसरा झटका 10:59 बजे दर्ज किया गया, हालांकि यह बेहद हल्का था और रिक्टर स्केल पर मापा नहीं जा सका. शनिवार को सुबह 5:48 बजे आए हल्के झटके ने लगातार दूसरे दिन लोगों को डराने का काम किया.
शुक्रवार के भूकंप के दौरान वरुणावत पर्वत पर सक्रिय भूस्खलन जोन से पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आईं. आपदा प्रबंधन विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम को मौके पर भेजा. हालांकि विभाग ने किसी बड़े भूस्खलन से इनकार किया है.
उत्तरकाशी में आए इन भूकंप के झटकों ने लोगों को 20 अक्टूबर 1991 के भयानक भूकंप की याद दिला दी है. उस भूकंप की तीव्रता 6.6 थी, जिसमें भारी तबाही हुई थी. हालांकि, फिलहाल इन झटकों से किसी प्रकार के नुकसान की कोई सूचना नहीं है.
भूकंप के झटकों के बाद आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है. जिले में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं. वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार आ रहे भूकंप किसी बड़े झटके की संभावना को दर्शा सकते हैं.
भूकंप के इन झटकों ने उत्तरकाशी के लोगों को गहरी चिंता में डाल दिया है. शुक्रवार को सुबह के झटके इतने तेज थे कि लोग डर के मारे अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए. स्थानीय लोग अब लगातार सतर्क रह रहे हैं और प्रशासन से भी सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. First Updated : Saturday, 25 January 2025