Earthquake in Gujarat: शनिवार तड़के जब ज़्यादातर लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक गुजरात की धरती डोल गई. सुबह करीब 3:35 बजे बनासकांठा जिले के वाव इलाके में 3.4 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए. यह जानकारी इंस्टीट्यूट ऑफ सिसमोलॉजी रिसर्च (ISR) ने दी है. भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 4.9 किलोमीटर नीचे था.
सुबह-सुबह जमीन हिलती महसूस होते ही वाव और आसपास के इलाके के लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए. कुछ ही पलों में चारों ओर हड़कंप मच गया. हालांकि भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण कहीं से भी किसी तरह के जान या माल के नुकसान की खबर नहीं है. प्रशासन की टीमों ने तुरंत इलाके का दौरा किया और हालात की समीक्षा की.
गुजरात को देश के उन राज्यों में गिना जाता है जो भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील हैं. पिछले 200 वर्षों में यहां 9 बड़े भूकंप आ चुके हैं. सबसे खौफनाक था 2001 का कच्छ भूकंप, जिसने लाखों लोगों की जिंदगी को झकझोर दिया था. उस तबाही में 13,800 से ज्यादा लोगों की जान गई थी और करीब 1.67 लाख लोग घायल हुए थे.
भूकंप जैसी घटनाएं कई भूगर्भीय कारणों से होती हैं. बनासकांठा क्षेत्र सेस्मिक ज़ोन III में आता है, जो मध्यम खतरे की कैटेगरी में रखा गया है. इस ज़ोन में धरती की प्लेटों के आपस में टकराने से अक्सर हल्के-फुल्के झटके महसूस किए जाते हैं.
हालांकि इस बार कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ लेकिन यह एक चेतावनी है कि हमें सतर्क रहना चाहिए.
इस बार का झटका छोटा था, लेकिन याद दिला गया कि धरती जब चाहे हिला सकती है. गुजरात जैसे राज्य में सतर्क रहना और जागरूक रहना ही समझदारी है. First Updated : Saturday, 03 May 2025