Uttarakhand Tourism: चार धाम और हेमकुंड साहिब यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए उत्तराखंड सरकार ने एक नई डिजिटल सुविधा शुरू की है. अब तीर्थयात्रियों को आधार-आधारित ईकेवाईसी (e-KYC) के माध्यम से अपना पंजीकरण कराना होगा. इस नई प्रक्रिया से पंजीकरण अधिक सरल, तेज और प्रभावी हो गया है. इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के अनुसार, चार धाम और हेमकुंड साहिब यात्रा 2025 के लिए पंजीकरण 20 मार्च से शुरू हो चुका है. 26 मार्च तक 7.5 लाख से अधिक श्रद्धालु इस ऑनलाइन सुविधा का लाभ उठा चुके हैं. इस नई व्यवस्था से प्रशासन को भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और मौसम संबंधित सूचनाओं के प्रवाह में सहायता मिलेगी.
सरकार ने इस नई प्रणाली को लागू करने के पीछे कई कारण बताए हैं...
तेज और आसान पंजीकरण: आधार-आधारित ईकेवाईसी से तीर्थयात्रियों को लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा और उनका पंजीकरण मिनटों में पूरा होगा.
भीड़ प्रबंधन में सहूलियत: अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सटीक संख्या का पता चलेगा, जिससे मंदिर परिसरों में भीड़ नियंत्रण किया जा सकेगा.
आपातकालीन स्थितियों में मदद: यदि किसी आपदा या स्वास्थ्य आपातकाल की स्थिति उत्पन्न होती है, तो प्रशासन को वास्तविक समय में तीर्थयात्रियों की जानकारी मिल सकेगी.
डिजिटल नवाचार को बढ़ावा: यह पहल भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा समर्थित है और डिजिटल इंडिया पहल के अंतर्गत आती है.
सरकार का मानना है कि यह नई प्रक्रिया न केवल पंजीकरण प्रक्रिया को तेज बनाएगी, बल्कि कागजी कार्यवाही में भी कटौती करेगी.
जो श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कर सकते, उनके लिए राज्य सरकार ने विभिन्न निर्दिष्ट केंद्रों पर ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी दी है. हालांकि, अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को ऑनलाइन माध्यम को प्राथमिकता देने की सलाह दी है ताकि प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके.
श्रद्धालु अपने पंजीकरण के लिए दो डिजिटल विकल्पों का उपयोग कर सकते हैं...
आधिकारिक वेबसाइट: https://registrationandtouristcare.uk.gov.in
मोबाइल ऐप: Tourist Care Uttarakhand
वेबसाइट पर जाएं और 'रजिस्टर' पर क्लिक करें.
अपना मोबाइल नंबर दर्ज करके ओटीपी वेरीफाई करें.
नाम, ईमेल और पहचान प्रमाण (आधार) सहित अपनी प्रोफ़ाइल सेट करें.
लॉग इन करें और अपनी यात्रा का चयन करें.
यात्रा की तिथि, तीर्थयात्रियों की संख्या और अन्य विवरण दर्ज करें.
आधार-आधारित ईकेवाईसी के लिए अपना आधार नंबर डालें और ओटीपी से सत्यापन करें.
पंजीकरण पूरा होने के बाद, आपको व्हाट्सएप और ईमेल के माध्यम से यात्रा प्रमाणपत्र प्राप्त होगा.
पंजीकरण अनिवार्य है: बिना पंजीकरण के यात्रा की अनुमति नहीं होगी.
यात्रा प्रमाणपत्र रखें: यह चेकपॉइंट पर सत्यापन के लिए आवश्यक होगा.
आधार से लिंक मोबाइल नंबर अनिवार्य: ओटीपी सत्यापन के लिए आपका आधार पंजीकृत मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए.
यह डिजिटल परिवर्तन चार धाम और हेमकुंड साहिब यात्रा को अधिक सुव्यवस्थित और सुगम बनाएगा. श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले अपना पंजीकरण समय पर पूरा करें ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके. First Updated : Thursday, 27 March 2025