नई दिल्ली : दिल्ली में GRAP-4 लागू होने के बाद से शहर में चालान काटी जाने वाली गाड़ियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है. बढ़ते प्रदूषण और नियमों की सख्ती के कारण ट्रैफिक पुलिस वाहन जांच के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है. इसके परिणामस्वरूप दिल्ली में बाहरी राज्यों से आने वाली BS-4 और BS-3 गाड़ियों के चालान 20 हजार से लेकर 40 हजार रुपए तक काटे जा रहे हैं.
बाहरी राज्यों के वाहन मालिकों पर बड़ा असर
लोगों का आरोप है कि दिल्ली में प्रदूषण कम करने के नियमों की सजा मुख्य रूप से बाहरी राज्यों से आने वाली गाड़ियों के मालिक भुगत रहे हैं. कई मामलों में एक ही गाड़ी पर दो अलग चालान काटे गए हैं. उदाहरण के तौर पर, गुरुग्राम के सारांश गुप्ता की 2018 की BS-4 डीज़ल कार पर 40 हजार रुपए का चालान काटा गया. गाड़ी उनकी बहन के नाम पर होने के कारण 20 हजार का चालान बहन पर और 20 हजार उनके ऊपर लगाया गया.
फरीदाबाद के नागरिकों को भी भारी चालान
फरीदाबाद के अरुण गुप्ता ने एक मीडिया चैनल को बताया कि वे इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में एक सेमिनार में गए थे और लौटते समय उनके वाहन का ओखला सर्किल पर 22 हजार रुपए का चालान काटा गया. उनका कहना था कि उन्हें नहीं पता था कि BS-4 गाड़ियां दिल्ली में नहीं जा सकती. इस प्रकार हजारों वाहन चालकों को भारी-भरकम चालान का सामना करना पड़ रहा है.
नियम और SOP का विवाद
GRAP-4 लागू होने के महज एक महीने में दिल्ली में 1 लाख 60 हजार से अधिक चालान काटे जा चुके हैं. इनमें 1 लाख से अधिक चालान बिना PUC वाली गाड़ियों के लिए थे. ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, यदि किसी दूसरे राज्य की BS-4 या BS-3 गाड़ी दिल्ली में आती है, तो वाहन मालिक और चालक दोनों पर 20-20 हजार रुपए का चालान लगाया जा सकता है.
चालान काटने की स्पष्ट SOP होनी चाहिए
पूर्व ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के डिप्टी कमिश्नर अनिल चिकारा ने कहा कि चालान काटने की स्पष्ट SOP होनी चाहिए. कानून के उल्लंघन के नाम पर 22 हजार रुपए का चालान काटना उचित नहीं लगता. उन्हें उम्मीद है कि सरकार नियम स्पष्ट करेगी ताकि चालान के कारण को स्पष्ट किया जा सके और ट्रैफिक कोर्ट और सामान्य कोर्ट के बीच अंतर बनाया जा सके.
शिकायत और समाधान का तरीका
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि किसी भी चालान से संबंधित शिकायत के लिए आम आदमी 1095 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकता है. पुलिस इसे लेकर मदद भी करती है और डिजिटली कटे चालान की स्थिति को समझने में सहयोग करती है.
First Updated : Saturday, 27 December 2025