उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां तेज डीजे साउंड को 140 मुर्गियों की मौत की वजह बताया जा रहा है. यह घटना दरियापुर गांव की है, जहां 25 अप्रैल को एक बारात के दौरान बज रहे तेज डीजे की आवाज पास स्थित साबिर अली के पॉल्ट्री फार्म तक पहुंची. फार्म मालिक का दावा है कि तेज शोर के कारण उनकी मुर्गियों ने दम तोड़ दिया.
इस घटना के बाद अब सोशल मीडिया पर भी यह सवाल उठ रहा है कि क्या वाकई तेज आवाज किसी की जान ले सकती है? पीड़ित साबिर अली के अनुसार, डीजे की आवाज इतनी तीव्र थी कि मुर्गियां उसे सहन नहीं कर सकीं. विशेषज्ञों की मानें तो अत्यधिक शोर जानवरों और पक्षियों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. तेज आवाज उनके शरीर में अचानक तनाव पैदा करती है, जिससे वे शॉक की स्थिति में आ सकते हैं और इससे उनकी मौत भी हो सकती है.
अगर इंसानों की बात करें तो ध्वनि की तीव्रता को डेसिबल (dB) में मापा जाता है. सामान्य सांस लेने की आवाज करीब 10 dB होती है, जबकि विमान के उड़ान भरने के समय शोर लगभग 140 dB तक पहुंच जाता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, एक सीमा के बाद ध्वनि का स्तर खतरनाक हो जाता है.
विशेषज्ञ बताते हैं कि 90 से 120 डेसिबल तक की आवाज सुनने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है, जबकि 120 dB से अधिक का शोर बेहद खतरनाक होता है. इतनी तेज आवाज कान के पर्दे को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ जानलेवा भी हो सकती है. यह शरीर में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन को सक्रिय कर देती है, जिससे ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन बढ़ जाती है. ऐसे में हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ सकता है.
लगातार तेज शोर का असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है. दिमाग लगातार अलर्ट मोड में रहता है, जिससे चिंता, चिड़चिड़ापन और थकान बढ़ती है. रात में तेज आवाज नींद को प्रभावित करती है, जिससे शरीर कमजोर होता है और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.
डॉक्टरों का कहना है कि 85 डेसिबल से ज्यादा शोर में लंबे समय तक रहना कानों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है. तेज धमाकों या डीजे साउंड से स्थायी बहरापन भी हो सकता है. इसके अलावा, अत्यधिक शोर के कारण लोग चेतावनी संकेत जैसे हॉर्न या अलार्म नहीं सुन पाते, जिससे हादसों का जोखिम बढ़ जाता है.
ऐसे में सलाह दी जाती है कि बहुत तेज आवाज से दूरी बनाए रखें, लंबे समय तक हेडफोन या ईयरबड्स का उपयोग न करें और खासकर रात के समय तेज शोर वाले माहौल से बचें. First Updated : Friday, 01 May 2026