Bareilly tension: उत्तर प्रदेश के बरेली में शुक्रवार को जुमे की नमाज से पहले शहर में तनावपूर्ण माहौल देखा गया. मस्जिदों और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया, सड़कें सुनसान रहीं और इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं. यह कदम पिछले हफ्ते 'आई लव मुहम्मद' पोस्टर विवाद के बाद शहर में फैल रही हिंसा और अफवाहों को रोकने के लिए उठाया गया.
क्षेत्र के चार जिलों बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं में इंटरनेट सेवाएं शनिवार 4 अक्टूबर को अपराह्न 3 बजे तक बंद रहेंगी. यह बंदी गुरुवार अपराह्न 3 बजे से लागू की गई थी और इसमें मोबाइल इंटरनेट, एसएमएस सेवाएं, डेटा, ब्रॉडबैंड और वायरलेस कनेक्शन शामिल हैं. अधिकारीयों ने कहा कि यह कदम सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से अफवाहें फैलने और सांप्रदायिक तनाव बढ़ने से रोकने के लिए उठाया गया है.
बरेली में पुलिस, प्रांतीय सशस्त्र बल (PAC) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान सड़कों पर तैनात हैं. इसके अलावा हवा में ड्रोन निगरानी भी की जा रही है. संभागीय आयुक्त भूपेंद्र एस चौधरी ने सभी जिला मजिस्ट्रेट, डिप्टी कलेक्टर और प्रशासनिक अधिकारियों से कहा है कि वे अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं. उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी चूक पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
बरेली के अलावा शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं जिलों में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में सशस्त्र बल तैनात किए जा रहे हैं ताकि बरेली की हिंसा किसी अन्य इलाके में न फैले.
पिछले हफ़्ते मौलवी तौकीर रज़ा खान के समर्थन में 'आई लव मुहम्मद' अभियान के प्रदर्शन की घोषणा के बाद बरेली में हिंसा भड़क उठी थी. शहर की एक मस्जिद के बाहर लगभग 2,000 लोग प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जमा हुए. हालांकि, रज़ा ने अधिकारियों की अनुमति न मिलने के कारण प्रदर्शन रद्द कर दिया. प्रदर्शन रद्द होने पर नाराज़ भीड़ ने पथराव और पुलिस के साथ झड़प कर दी, जिसमें कई लोग घायल हुए और 81 को गिरफ्तार किया गया.
इस सप्ताह शुक्रवार की नमाज से पहले, आला हजरत दरगाह के वरिष्ठतम धर्मगुरु मौलाना अहसन रजा खान ने स्थानीय मुसलमानों से शांति बनाए रखने की अपील की और नमाज के बाद घर लौटने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि विवाद और अफवाहों से बचना आवश्यक है और सभी लोग जिम्मेदारी के साथ कार्य करें.
First Updated : Friday, 03 October 2025