Jagadguru Avimukteshwaranand: शिवहर में रविवार को जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ रक्षा को लेकर महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए. उनका साफ संदेश था कि गौ माता की रक्षा के मुद्दे में किसी भी राजनीतिक दल या संगठन का भेदभाव स्वीकार्य नहीं. उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी दल या संगठन गौ रक्षा की बात करेगा, चाहे वह AIMIM ही क्यों न हो, उनके साथ खड़े रहेंगे. उनका यह बयान देश में गौ रक्षा को लेकर चल रही राजनीतिक बहस में नया मोड़ ला सकता है.
उन्होंने कहा कि गौ माता न तो किसी जाति, धर्म या पार्टी की संपत्ति है और न ही यह किसी राजनीतिक एजेंडे तक सीमित हो सकती है. गौ माता भारतीय संस्कृति की आधारशिला हैं और उनका संरक्षण पूरे राष्ट्र का कर्तव्य है. उनके विचारों से यह साफ हुआ कि गौ रक्षा एक संवैधानिक और सामाजिक जिम्मेदारी है न कि केवल राजनीतिक हथियार.
शिवहर के प्रसाद उत्सव मैरेज हॉल में संवाददाताओं से बात करते हुए जगद्गुरु ने कहा कि गौ माता किसी जाति, पंथ या पार्टी की नहीं बल्कि पूरे भारत की पहचान हैं. जो लोग हिंदू और हिंदुत्व के नाम पर वोट मांगते हैं वे अपने घोषणा पत्र में गौ रक्षा का मुद्दा क्यों नहीं रखते? इससे क्यों परहेज करते हैं? जो लोग गौ माता का नाम लेकर राजनीति करते हैं वे वास्तव में गौ सेवा के लिए क्या कर रहे हैं यह देश को जानना चाहिए.
उन्होंने यह स्पष्ट किया कि हमारी निष्ठा किसी राजनीतिक दल के प्रति नहीं बल्कि गौ माता और सनातन धर्म के प्रति है. हम न तो किसी पार्टी के खिलाफ हैं और न ही किसी पार्टी के पक्ष में. लेकिन जो भी गौ माता की रक्षा की बात करेगा, वह हमारा साथी है. गौ माता भारतीय संस्कृति, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण की आधारशिला हैं और उनकी सुरक्षा पूरे राष्ट्र का कर्तव्य है.
जगद्गुरु ने शिवहर नगर परिषद के फैसले की भी प्रशंसा की जिसमें नगर परिषद के सभापति राजन नंदन सिंह और अन्य पार्षदों ने ध्वनि मत से गौ माता को 'नगर माता' का दर्जा दिया है. उन्होंने कहा कि शिवहर नगर परिषद द्वारा यह निर्णय देश के अन्य नगर निकायों के लिए प्रेरणा स्रोत है. लेकिन गौ रक्षा केवल शब्दों और घोषणाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि इसके लिए वास्तविक कर्म किए जाने चाहिए.
इससे पहले पटना में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि वे बिहार की सभी 243 सीटों पर प्रत्याशी उतारेंगे. सभी नॉमिनेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वे यह घोषणा करेंगे कि कौन-सा प्रत्याशी कहां चुनाव में हिस्सा लेगा. इस घोषणा ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है. First Updated : Monday, 06 October 2025