पटना: बिहार की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. एनडीए विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद नीतीश कुमार ने राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया है. राजभवन में नीतीश कुमार ने एनडीए सहयोगियों का समर्थन पत्र राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को सौंपकर नई सरकार बनाने का दावा पेश किया.
आपको बता दें कि विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद नीतीश कुमार अब रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. बैठक में भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के नाम का प्रस्ताव रखा था.
रिपोर्ट के अनुसार, 20 मंत्रियों की सूची में भाजपा व जदयू से कुल 14-16 मंत्री हो सकते हैं, जबकि LJP(R), HAM और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के कुल 4 मंत्री बन सकते हैं.
सबसे प्रमुख विवादित बिंदुओं में विधानसभा अध्यक्ष का पद शामिल है. भाजपा और जेडीयू दोनों ही इस पद पर अपना दावा ठोक रहे हैं. भाजपा चाहती है कि यह पद उसके पास ही रहे, क्योंकि पिछली विधानसभा में भी भाजपा के नंद किशोर यादव ही अध्यक्ष थे. वहीं जेडीयू का तर्क है कि गठबंधन संतुलन बनाए रखने के लिए इस बार यह पद उन्हें मिलना चाहिए. जेडीयू के नरेंद्र नारायण यादव उपाध्यक्ष थे, इसलिए पार्टी अब अध्यक्ष पद की दावेदार बनना चाहती है.
भाजपा और जद (यू) दोनों गृह मंत्रालय पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि शिक्षा मंत्रालय भी चर्चा का विषय है. दोनों पक्ष विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए इच्छुक हैं. संभावित उम्मीदवार भाजपा के प्रेम कुमार और जद (यू) के विजय चौधरी हैं. पिछले विधानसभा में भाजपा के नंद किशोर यादव अध्यक्ष थे, जबकि जद (यू) के नरेंद्र नारायण यादव उपाध्यक्ष रहे.
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 दो चरणों में हुए थे. 6 नवंबर को पहला चरण और 11 नवंबर को दूसरे चरण के तहत मतदान हुए थे, जबकि 14 नवंबर को नतीजे घोषित हुए थे. इन चुनाव में एनडीए ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की. एनडीए ने 202 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी. नतीजों के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है.
First Updated : Wednesday, 19 November 2025