बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव के रुझानों में इस बार जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने अप्रत्याशित रूप से शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी राजनीतिक ताकत का जोरदार प्रदर्शन किया है. नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए को राज्यभर में जबरदस्त समर्थन मिलता दिख रहा है, जिससे गठबंधन दो-तिहाई बहुमत के पार जाता दिख रहा है. भाजपा और जेडीयू दोनों ही 80 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि महागठबंधन को अपेक्षित सफलता नहीं मिल रही है.
दिलचस्प बात यह है कि जेडीयू के मुस्लिम उम्मीदवारों ने भी इस चुनाव में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है. जिन चार उम्मीदवारों को पार्टी ने टिकट दिया था, उनमें से तीन अपने-अपने क्षेत्रों में बढ़त बनाए हुए हैं.
रुझानों के अनुसार, एनडीए 190 से अधिक सीटों पर आगे चल रही है, जबकि महागठबंधन 45 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. यह आंकड़ा साफ तौर पर बताता है कि बिहार के मतदाता एक बार फिर एनडीए के पक्ष में एकतरफा फैसला करते हुए दिखाई दे रहे हैं.
पिछले चुनाव में मात्र 43 सीटों पर सिमट चुकी जेडीयू ने इस बार शानदार वापसी करते हुए 80 से अधिक सीटों पर बढ़त हासिल कर ली है, जो पार्टी के लिए एक बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला परिणाम है.
इस चुनाव में जेडीयू ने चार मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया था. आमौर, अररिया, जोकिहाट और चैनपुर सीटों से. इनमें से तीन उम्मीदवार अपने प्रतिद्वंद्वियों से आगे चल रहे हैं, जो पार्टी के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.
सीट उम्मीदवार रुझान
आमौर सबा जफर पीछे
अररिया शगुफ्ता अजीम आगे
जोकिहाट मंजर आलम आगे
चैनपुर जमा खान आगे
यह संख्या 2020 के मुकाबले काफी कम है, जब जेडीयू ने 10–11 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन कोई भी जीत नहीं पाया था. इस बार सीमित टिकट के बावजूद पार्टी को बेहतर परिणाम मिलते दिख रहे हैं.
जेडीयू के बढ़ते ग्राफ और एनडीए की दमदार बढ़त यह संकेत दे रही है कि बिहार की राजनीति में इस बार फिर नीतीश कुमार का प्रभाव निर्णायक साबित हो रहा है. रुझानों के मुताबिक, गठबंधन बेहद मजबूत सरकार बनाने की ओर बढ़ रहा है. First Updated : Friday, 14 November 2025