सरकारी स्कूल में अंग्रेजी का पोस्टमार्टम, Nose को Noge और Eye को Iey पढ़ा रहे शिक्षक का वीडियो वायरल

वाड्रफनगर विकासखंड के कोगवार गांव स्थित प्राथमिक शाला मचानडांड़ से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है. यहां पढ़ाने वाले एक शिक्षक को अंग्रेजी की गलत स्पेलिंग सिखाने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई तब की गई, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें शिक्षक ने ब्लैकबोर्ड पर Sunday की जगह Sanday और Wednesday की जगह Wensday लिखा था.

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बलरामपुर: वाड्रफनगर विकासखंड के कोगवार गांव स्थित प्राथमिक शाला मचानडांड़ से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है. यहां पढ़ाने वाले एक शिक्षक को अंग्रेजी की गलत स्पेलिंग सिखाने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई तब की गई, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें शिक्षक ने ब्लैकबोर्ड पर ‘Sunday’ की जगह ‘Sanday’ और ‘Wednesday’ की जगह ‘Wensday’ लिखा था. वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया, जिसके बाद जांच की गई. जांच पूरी होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक प्रवीण टोप्पो को निलंबित करने का आदेश जारी किया.

शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल

यह मामला सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाता है. वीडियो में केवल दिनों के नाम की स्पेलिंग गलत नहीं थीं, बल्कि शरीर के अंगों के नाम भी गलत लिखे गए थे. उदाहरण के तौर पर ‘Nose’ की जगह ‘Noge’, ‘Ear’ की जगह ‘Eare’ और ‘Eye’ को ‘Iey’ लिखा गया था. छोटे-छोटे बच्चों को ऐसे गलत शब्द रटाना उनकी बुनियादी शिक्षा पर भी गलत प्रभाव डाल सकता है. इस उम्र में बच्चे जो सीखते हैं, वह लंबे समय तक उनके दिमाग में बैठ जाता है, इसलिए गलत पढ़ाई बेहद गंभीर मुद्दा है.

बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही

ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में दो शिक्षक नियुक्त हैं, लेकिन शिक्षण की स्थिति बहुत खराब है. ग्रामीणों के अनुसार, एक शिक्षक कमलेश पण्डो अक्सर शराब के नशे में स्कूल पहुंचते है और कक्षा में ही सो जाते है. इससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है. दूसरे शिक्षक प्रवीण टोप्पो बच्चों को सही तरह से अंग्रेजी नहीं सिखा रहे हैं. इसी कारण यह शिकायत विकासखंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय तक पहुंचाई गई थी.

सामान्य शब्दों की स्पेलिंग भी गलत

फादर, मदर, सिस्टर जैसे सामान्य शब्दों की स्पेलिंग भी शिक्षक गलत तरीके से पढ़ा रहे थे. वीडियो सामने आने के बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई की और जांच टीम भेजी. जांच रिपोर्ट में यह बात स्पष्ट हुई कि शिक्षक वास्तव में बच्चों को गलत स्पेलिंग सिखा रहे थे. इसके बाद उन पर निलंबन की कार्रवाई की गई.

निगरानी सख्ती से करने की आवश्यकता

यह घटना इस बात का संकेत है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था की निगरानी और भी सख्ती से करने की आवश्यकता है, ताकि बच्चों की शिक्षा से किसी भी तरह का समझौता न हो सके.
  First Updated : Tuesday, 18 November 2025