पटना के गांधी मैदान में 20 नवंबर को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होने की उम्मीद है. सूत्रों के अनुसार, यह कार्यक्रम गुरुवार को हो सकता है और इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है. आयोजन स्थल को अंतिम रूप दिए जाने के बाद वहां तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मुख्यमंत्री पद की शपथ कौन लेगा, लेकिन राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हैं.
सूत्रों का कहना है कि नीतीश कुमार एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. इसी क्रम में सोमवार को सुबह 11:30 बजे मौजूदा नीतीश कैबिनेट की अंतिम बैठक बुलायी गई है. इस बैठक में सरकार के इस्तीफे का प्रस्ताव रखा जाएगा, जिसे मंजूरी मिलने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यपाल से मुलाकात कर औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंपेंगे. इसके बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी और एनडीए की ओर से सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा.
जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने पटना में मीडिया से बात करते हुए कहा कि बिहार की जनता ने एनडीए को जो विशाल जनादेश दिया है, वह बेहद ऐतिहासिक है. उन्होंने कहा कि जनता की इस भारी समर्थन की भावना के साथ गठबंधन की जिम्मेदारियों में भी इजाफा हुआ है. संजय झा ने बताया कि सरकार गठन को लेकर सहयोगी दलों के बीच बातचीत जारी है और जल्द ही नई सरकार का ढांचा सामने आ जाएगा.
हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 243 में से 202 सीटें अपने नाम कीं. महागठबंधन को जहां केवल 35 सीटों पर संतोष करना पड़ा, वहीं यह परिणाम बिहार की चुनावी राजनीति में एक नई मिसाल के रूप में देखा जा रहा है.
एनडीए की इस जीत ने न केवल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नेतृत्व क्षमता को एक बार फिर साबित किया है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकास आधारित डबल-इंजन सरकार के प्रति जनता के भरोसे की पुष्टि भी की है. चुनावी प्रचार के दौरान दोनों नेताओं की रैलियों ने व्यापक समर्थन हासिल किया था, जिसका सीधा असर चुनावी नतीजों में दिखाई दिया.
अब हर किसी की नजरें 20 नवंबर के शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं. यह देखना रोचक होगा कि नई सरकार किस स्वरूप में सामने आती है और अगले पांच वर्षों में बिहार की विकास यात्रा को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाता है. First Updated : Sunday, 16 November 2025