यूपी में अगला बीजेपी अध्यक्ष कौन? पूर्व डिप्टी सीएम समेत छह नाम शॉर्टलिस्ट
नई दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन में डिप्टी सीएम के विशेष अधिकारी एच. अंजनेया ने सीएम के विशेष अधिकारी सी. मोहन कुमार पर जूते से मारने और धमकी देने का आरोप लगाया. उन्होंने अपनी सुरक्षा की चिंता जताई और स्थानांतरण की मांग की. रेजिडेंट कमिश्नर कार्यालय ने शिकायत पर जांच की प्रक्रिया शुरू करने की पुष्टि की है.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई ने प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए छह नेताओं के नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिए हैं. ये नाम सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए तय किए गए हैं — दो ब्राह्मण, दो अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और दो दलित समुदाय से आते हैं. पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह फैसला प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनावों में अपेक्षित सफलता न मिलने के मद्देनज़र लिया जा रहा है.
ब्राह्मण, ओबीसी और दलित वर्ग से संभावित उम्मीदवार
भाजपा ने जो नाम भेजे हैं, उनमें शामिल हैं:
ब्राह्मण वर्ग से-
डॉ. दिनेश शर्मा: पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिक्षा जगत से जुड़े. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और पार्टी नेतृत्व में अच्छी पकड़.
हरीश द्विवेदी: बस्ती से पूर्व सांसद, युवा चेहरे के तौर पर पहचान, पार्टी के राष्ट्रीय सचिव भी रह चुके हैं.
ओबीसी वर्ग से-
धर्मपाल सिंह: वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार में वरिष्ठ मंत्री. लोधी समुदाय से संबंध, वर्षों का प्रशासनिक और विधायी अनुभव.
बीएल वर्मा: केंद्रीय राज्य मंत्री, अनुशासित और साधारण संगठनकर्ता, आरएसएस से गहरा जुड़ाव, संगठन में मजबूत पकड़.
दलित वर्ग से-
रामशंकर कठेरिया: पूर्व केंद्रीय मंत्री और अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष. हिंदुत्व और दलित मुद्दों पर मुखर.
विद्या सागर सोनकर: एमएलसी, पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रभावशाली, शांत और निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में पहचाने जाते हैं.
भविष्य की रणनीति के तहत लिया गया फैसला
उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का पद फिलहाल भूपेंद्र सिंह चौधरी के पास है, जो जाट समुदाय से आते हैं. पार्टी सूत्रों ने बताया कि नए अध्यक्ष का चयन आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है ताकि पार्टी लखनऊ में लगातार तीसरा कार्यकाल सुनिश्चित कर सके और संगठन में नई ऊर्जा लाई जा सके.
जल्द हो सकता है फैसला
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "हमने छह उपयुक्त नाम प्रस्तावित किए हैं. अब केंद्रीय नेतृत्व मूल्यांकन कर रहा है. अगले दो हफ्तों में या उससे भी पहले निर्णय लिया जा सकता है."
राष्ट्रीय स्तर पर भी बदलाव की तैयारी
भाजपा पहले ही देश की 37 में से 25 से अधिक राज्य इकाइयों में अध्यक्ष बदल चुकी है. अब उत्तर प्रदेश सहित कुछ प्रमुख राज्यों में बदलाव की प्रक्रिया चल रही है, साथ ही पार्टी अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा की दिशा में भी आगे बढ़ रही है.
नए अध्यक्ष से क्या हैं उम्मीदें?
नए प्रदेश अध्यक्ष से संगठन को मजबूत करने, विभिन्न सामाजिक वर्गों को साथ लाने और आगामी चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन को बेहतर करने की उम्मीद की जा रही है.
भूपेंद्र चौधरी का बयान
वर्तमान अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा, “हमने अपने सुझाव केंद्रीय नेतृत्व को दे दिए हैं. अब आलाकमान को अंतिम निर्णय लेना है. उम्मीद है जल्द ही नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा होगी.”


