Unsubscribe Email: आज के डिजिटल युग में ई-मेल हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसके साथ ही साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल ही में सामने आए एक नए खतरे ने लोगों को सतर्क कर दिया है। जी हां, आपके इनबॉक्स में आने वाला एक साधारण सा "अनसब्सक्राइब" लिंक आपको भारी नुकसान पहुंचा सकता है। साइबर अपराधी अब अनसब्सक्राइब बटन के जरिए लोगों को ठगने का नया तरीका अपना रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे ई-मेल्स पर क्लिक करने से पहले सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, वरना आपका बैंक खाता खाली होने में देर नहीं लगेगी।
साइबर अपराधी फर्जी ई-मेल्स भेजते हैं, जो देखने में किसी जानी-मानी कंपनी या ब्रांड के प्रचार ई-मेल जैसे लगते हैं। इनमें नीचे एक "अनसब्सक्राइब" लिंक होता है, जो आपको यह बताता है कि आप उस मेलिंग लिस्ट से बाहर हो सकते हैं। लेकिन साइबर सुरक्षा जानकारों का कहना है, "ऐसे लिंक पर क्लिक करने से आपकी निजी जानकारी चुराई जा सकती है या आपके डिवाइस में मालवेयर इंस्टॉल हो सकता है।"
जब आप अनसब्सक्राइब लिंक पर क्लिक करते हैं, तो आपको एक फर्जी वेबसाइट पर ले जाया जाता है, जो किसी वेबसाइट की नकल होती है। यहां आपसे आपका नाम, ई-मेल, पासवर्ड या बैंक खाते की जानकारी मांगी जा सकती है। साइबर क्राइम जानकार बताते हैं, "ऐसी वेबसाइट्स पर दी गई जानकारी सीधे हैकर्स के पास पहुंचती है, जो आपके खाते से पैसे निकाल सकते हैं या आपकी सारी गुप्त जानकारी लिया जा सकता है.
ऐसे खतरों से बचने के लिए कुछ आसान से तरिके हैं। सबसे पहले, किसी भी अनसब्सक्राइब लिंक पर क्लिक करने से पहले ई-मेल के सेंडर की जांच करें। अगर ई-मेल का पता फ्राड लगे, जैसे कि अजीब अक्षरों या नंबरों का मिक्स, तो उसे तुरंत डिलीट करें। साइबर विशेषज्ञ कहते हैं, "किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसका यूआरएल चेक करें और यह तय करें कि वह किसी सही डोमेन से है।"
अगर आपने गलती से अनसब्सक्राइब लिंक पर क्लिक कर दिया है, तो तुरंत अपने डिवाइस को ऑफलाइन करें और एंटीवायरस सॉफ्टवेयर से स्कैन करें। साथ ही, अपने बैंक और अन्य महत्वपूर्ण खातों के पासवर्ड तुरंत बदलें। साइबर सुरक्षा सलाहकार बताते हैं कि "जितनी जल्दी आप नुकसान को रोकने के लिए कदम उठाएंगे, उतना ही बेहतर होगा।" First Updated : Saturday, 05 July 2025