नई दिल्ली: दुनिया के सबसे प्रभावशाली उद्योगपति एलन मस्क एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं. इस बार मामला है यूरोपीय संघ द्वारा उनकी सोशल मीडिया कंपनी X पर लगाए गए भारी-भरकम जुर्माने का. EU ने X पर लगभग €120 मिलियन (करीब $140 मिलियन) का दंड लगाया है, जिसके बाद मस्क ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए यूरोपीय संघ की संरचना पर ही सवाल खड़े कर दिए. यह मामला तेजी से अंतरराष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है.
यूरोपीय आयोग के इस कदम ने टेक जगत में हलचल मचा दी है, क्योंकि यह पहली बार है जब किसी बड़े टेक प्लेटफॉर्म को डिजिटल सर्विसेज एक्ट (DSA) के तहत इतनी बड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ा है. वहीं, मस्क का दावा है कि यह कदम राजनीतिक रूप से प्रेरित है और EU का नौकरशाही रवैया स्वतंत्र अभिव्यक्ति पर हमला करता है.
EU ने यह दंड डिजिटल सर्विसेज एक्ट (DSA) के तहत लगाया है. आयोग के अनुसार X ने अपने ब्लू चेकमार्क सिस्टम को लेकर उपयोगकर्ताओं को भ्रामक जानकारी दी और शोधकर्ताओं को आवश्यक डेटा उपलब्ध नहीं कराया. ब्लू टिक फिलहाल X के प्रीमियम सब्सक्राइबर्स को ही दिया जाता है, जिसे EU ने deceptive design और विज्ञापन पारदर्शिता में कमी बताया.
नियामकों ने कहा कि यह मॉडल उपयोगकर्ताओं को मैनिपुलेशन और धोखाधड़ी के जोखिम में डालता है. यह फैसला ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार किसी बड़ी टेक कंपनी के खिलाफ DSA का उपयोग किया गया है. यह जांच दिसंबर 2023 में शुरू हुई थी और तब और तेजी से आगे बढ़ी जब मस्क राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सलाहकार बने. यूरोपीय डिजिटल प्रमुख हेना वीरक्कुनेन ने कहा कि इसमें समय लगा क्योंकि हमारी टीमें यह सुनिश्चित करना चाहती थीं कि हमारे पास एक मजबूत कानूनी आधार हो.
जुर्माने की घोषणा के तुरंत बाद मस्क ने X पर EU पर निशाना साधा और सदस्य देशों से अपील की कि वे अपनी संप्रभुता वापस लें. मस्क ने लिखा कि यूरोपीय संघ को समाप्त कर दिया जाना चाहिए, और संप्रभुता को अलग-अलग देशों को वापस कर दिया जाना चाहिए, ताकि सरकारें अपने लोगों का बेहतर प्रतिनिधित्व कर सकें.
मामला अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी गूंजा. अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD वांस ने EU की आलोचना करते हुए कहा कि यूरोपीय संघ को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन करना चाहिए, न कि कचरे को लेकर अमेरिकी कंपनियों पर हमला करना चाहिए. वांस और मस्क के रिश्ते काफी अच्छे माने जाते हैं. मस्क ट्रंप के अभियान के प्रमुख दानकर्ताओं में शामिल रहे हैं और सरकारी दक्षता विभाग भी उन्हीं ने बनाया था.
यूरोपीय संघ 27 देशों का एक संगठन है, जिनमें जर्मनी, फ्रांस, स्पेन और बेल्जियम शामिल हैं. यह दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक-आर्थिक ब्लॉकों में से एक है. सभी सदस्य देश मिलकर यूरोपीय परिषद और यूरोपीय संसद के माध्यम से नीतियां तय करते हैं.
EU की यह कार्रवाई टेक कंपनियों पर चल रही व्यापक सख्ती का हिस्सा है. Apple, Meta और Google पर भी हाल के वर्षों में कड़ी कार्रवाई हुई है. आयोग ने कहा कि X को 60 दिन समाधान प्रस्तुत करने के लिए 90 दिन सुधार लागू करने के लिए दिए गए हैं. अन्यथा कंपनी को और भी बड़े जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है.
First Updated : Tuesday, 09 December 2025