नई दिल्ली: एलन मस्क की कंपनी xAI द्वारा बना Grok AI को लेकर भारत सरकार की सख्ती के बावजूद विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. सरकार की ओर से स्पष्ट चेतावनी और नोटिस जारी होने के बाद भी Grok AI से अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट बनाए जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे प्रशासन की चिंता और गहरी हो गई है.
महिलाओं और बच्चों की तस्वीरों के साथ डिजिटल छेड़छाड़ के बढ़ते मामलों ने इस मुद्दे को बेहद गंभीर बना दिया है. इसी के चलते केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को एक बार फिर सख्त संदेश देते हुए अतिरिक्त 72 घंटे का समय दिया है, ताकि वह नियमों के पालन और कार्रवाई की रिपोर्ट सौंप सके.
केंद्र सरकार ने 2 जनवरी को X को भेजे गए पत्र में साफ तौर पर कहा था कि Grok AI और xAI की अन्य AI सेवाओं का इस्तेमाल अश्लील, नग्न और गैरकानूनी कंटेंट तैयार करने और फैलाने में किया जा रहा है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि IT Act 2000 और IT Rules 2021 का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है. सरकार ने X से 72 घंटों के भीतर ठोस कार्रवाई और अनुपालन रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन नोटिस के बाद भी हालात में कोई खास बदलाव नजर नहीं आया.
आईटी मंत्रालय ने निर्देश दिया था कि Grok AI से तैयार सभी अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट को तुरंत हटाया जाए और इस पर कड़ी निगरानी रखी जाए. 6 जनवरी को इस आदेश की समयसीमा समाप्त होनी थी, लेकिन इसके बावजूद Grok AI के जरिए आपत्तिजनक सामग्री बनने की शिकायतें सामने आती रहीं. अब मंत्रालय ने X प्रशासन को एक बार फिर 72 घंटों का अतिरिक्त समय दिया है.
सरकार के निर्देश में यह भी कहा गया था कि Grok AI का इस्तेमाल महिलाओं की तस्वीरों को अपमानजनक और यौन रूप से स्पष्ट बनाने के लिए किया जा रहा है. कई मामलों में असली तस्वीरों के साथ डिजिटल छेड़छाड़ कर उन्हें अश्लील रूप दिया गया. यह गतिविधियां अक्सर फर्जी अकाउंट्स के जरिए की जा रही हैं, जिससे पीड़ितों के लिए शिकायत दर्ज कराना और भी मुश्किल हो जाता है.
मामला यहीं नहीं रुका. Grok AI से बच्चों की तस्वीरों को भी यौन रूप से प्रस्तुत किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 10 साल से कम उम्र के बच्चों की तस्वीरों तक में छेड़छाड़ की गई.
भारत सरकार की चेतावनी के बाद X की ओर से कहा गया था कि अवैध और अश्लील कंटेंट पोस्ट करने या Grok AI से ऐसा कंटेंट बनाने वाले अकाउंट्स को स्थायी रूप से बैन किया जाएगा. एलन मस्क ने भी स्वीकार किया कि AI से तैयार किया गया गैरकानूनी कंटेंट भी अपराध की श्रेणी में आता है. इसके बावजूद जमीनी स्तर पर ऐसे कंटेंट का प्रसार जारी है, जिससे X की नीतियों और नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
सरकार और विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल यूजर्स की लापरवाही का मामला नहीं है, बल्कि प्लेटफॉर्म की सुरक्षा और मॉडरेशन व्यवस्था की गंभीर विफलता को भी दर्शाता है. बिना सहमति किसी की तस्वीर को अश्लील रूप में बदलना डिजिटल यौन उत्पीड़न माना जाता है. भारत के साथ-साथ UK और यूरोप में भी इस मुद्दे को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं.
First Updated : Tuesday, 06 January 2026