Meta में बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी, 8000 कर्मचारियों पर मंडराया खतरा; AI फोकस बनी वजह
Meta में बड़े स्तर पर छंटनी की तैयारी की खबरों से कर्मचारियों में चिंता बढ़ गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले चरण में करीब 8,000 लोगों की नौकरी पर असर पड़ सकता है, जबकि कुल संख्या 16,000 तक पहुंच सकती है.

नई दिल्ली: टेक दिग्गज Meta Platforms एक बार फिर बड़े स्तर पर छंटनी की तैयारी में है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी आने वाले हफ्तों में हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल सकती है, जिससे टेक इंडस्ट्री में हलचल मच गई है. बताया जा रहा है कि छंटनी का पहला चरण 20 मई से शुरू हो सकता है.
इस संभावित कदम से शुरुआती दौर में करीब 8,000 कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है. वहीं, आने वाले महीनों में कुल प्रभावित कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 16,000 तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है. यह फैसला ऐसे समय में लिया जा रहा है, जब कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर अपना फोकस तेजी से बढ़ा रही है.
पहले चरण में 8000 कर्मचारियों पर असर
रिपोर्ट्स के अनुसार, छंटनी के पहले चरण में Meta के वैश्विक वर्कफोर्स के लगभग 10 प्रतिशत कर्मचारियों के प्रभावित होने की संभावना है. हालांकि कंपनी ने अभी तक इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक आगे और भी नौकरियों में कटौती की जा सकती है.
AI पर बढ़ा फोकस, बदलेगी वर्कफोर्स संरचना
बताया जा रहा है कि कंपनी अपने संगठन को AI-ड्रिवन भविष्य के हिसाब से ढाल रही है. Meta के अधिकारी कर्मचारियों की उत्पादकता और AI में हुई प्रगति के आधार पर छंटनी की रणनीति को अंतिम रूप दे रहे हैं.
मार्क जकरबर्ग पहले ही कई बार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि कंपनी का लक्ष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी बनना है. इसके लिए Meta बड़े पैमाने पर निवेश की योजना बना रही है, जिसमें डेटा सेंटर, चिप और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट शामिल हैं.
$135 बिलियन निवेश की योजना
रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी इस साल लगभग 135 बिलियन डॉलर का निवेश करने की योजना बना रही है, जिसका बड़ा हिस्सा AI से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किया जाएगा. इस बदलाव के तहत टीमों का पुनर्गठन किया जा रहा है और कर्मचारियों को नए AI प्रोजेक्ट्स पर लगाया जा रहा है.
पहले भी हो चुकी है बड़ी छंटनी
Meta में इससे पहले भी बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी हो चुकी है. साल 2022 और 2023 में कंपनी ने करीब 21,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था. उस दौर को ‘Year of Efficiency’ के नाम से जाना गया, जिसमें कंपनी ने अपने ऑपरेशन्स को सुव्यवस्थित करने और खर्च कम करने पर जोर दिया था.
टेक इंडस्ट्री में भी दिख रहा असर
Meta अकेली कंपनी नहीं है जो इस तरह के बदलाव कर रही है. पूरी टेक इंडस्ट्री में AI के बढ़ते प्रभाव के चलते कंपनियां अपने वर्कफोर्स को री-स्ट्रक्चर कर रही हैं.
उदाहरण के तौर पर Amazon ने हाल के महीनों में करीब 30,000 कॉर्पोरेट पद खत्म किए हैं. वहीं, फिनटेक कंपनी Block ने भी अपने कर्मचारियों की संख्या में कटौती की है.
73,000 से ज्यादा कर्मचारियों की जा चुकी नौकरी
Layoffs.fyi के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक दुनिया भर की 95 कंपनियों में 73,000 से ज्यादा टेक कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा चुका है. इससे साफ है कि टेक सेक्टर में बदलाव का दौर जारी है.


