ChatGPT में नहीं आएगा एडल्ट मोड? OpenAI ने अनिश्चितकाल के लिए रोका प्रोजेक्ट

OpenAI ने ChatGPT के प्रस्तावित एडल्ट या इरोटिक मोड के विकास को फिलहाल रोक दिया है. सुरक्षा चिंताओं और निवेश प्राथमिकताओं के चलते कंपनी अब अपने मुख्य प्रोडक्ट्स और एंटरप्राइज सेवाओं पर ज्यादा ध्यान दे रही है.

Shraddha Mishra

टेक्नोलॉजी की दुनिया में तेजी से बदलाव हो रहे हैं, लेकिन हर नई सुविधा के साथ जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी होती है. इसी संतुलन को ध्यान में रखते हुए OpenAI ने अपने चर्चित “एडल्ट” या तथाकथित “इरोटिक मोड” से जुड़ी योजना को फिलहाल रोकने का फैसला किया है. यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब कंपनी पर निवेशकों की उम्मीदें और प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ रही हैं.

क्या था “इरोटिक मोड”?

यह फीचर ChatGPT के लिए एक ऐसा मोड माना जा रहा था, जिसमें केवल वेरिफाइड वयस्क यूजर्स को सीमित दायरे में स्पष्ट बातचीत की अनुमति दी जाती. इसकी जानकारी पहले कंपनी के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने दी थी. हालांकि, इस फीचर को लेकर शुरुआत से ही कई सवाल उठ रहे थे, खासकर इसके संभावित दुष्प्रभावों को लेकर.

क्यों रोकी गई योजना?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने इस प्रोजेक्ट को “अनिश्चित समय” के लिए रोक दिया है. इसकी मुख्य वजह है—जोखिम और प्राथमिकताओं में बदलाव. कंपनी अब अपना पूरा ध्यान अपने मुख्य प्रोडक्ट्स और बिजनेस सॉल्यूशंस पर लगाना चाहती है. इसमें ChatGPT के उन्नत वर्जन, कोडिंग टूल्स और एंटरप्राइज सर्विसेज शामिल हैं.

OpenAI इस समय बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने पर फोकस कर रही है. खासकर Anthropic जैसी कंपनियों से मुकाबले के बीच, वह एंटरप्राइज ग्राहकों को आकर्षित करना चाहती है. बताया जा रहा है कि कंपनी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए खास योजनाएं भी पेश कर रही है, जिससे उसकी फंडिंग और विस्तार को गति मिल सके.

सुरक्षा और सामाजिक चिंताएं

इस फीचर को रोकने के पीछे सबसे बड़ी वजह इससे जुड़ी चिंताएं हैं. विशेषज्ञों और सलाहकार समूहों का मानना है कि इस तरह की सुविधा से यूजर्स में भावनात्मक निर्भरता बढ़ सकती है. इसके अलावा, यह भी आशंका जताई गई कि अगर सुरक्षा पूरी तरह मजबूत नहीं रही, तो नाबालिगों तक अनुचित सामग्री पहुंच सकती है. इन जोखिमों को देखते हुए कंपनी ने सावधानी बरतना ही बेहतर समझा.

भविष्य की रणनीति क्या है?

OpenAI अब अपने मुख्य प्रोडक्ट्स को और बेहतर बनाने पर काम कर रही है. इसमें नए फीचर्स, बेहतर AI मॉडल और एकीकृत प्लेटफॉर्म बनाने की योजना शामिल है. कहा जा रहा है कि कंपनी एक ऐसे “सुपर ऐप” पर भी काम कर रही है, जिसमें ChatGPT और अन्य टूल्स को एक साथ जोड़ा जाएगा, ताकि यूजर्स को एक ही जगह पर कई सुविधाएं मिल सकें.

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