महंगा स्मार्टफोन होने के बावजूद नहीं आ रही शानदार फोटो? ये छोटी गलतियां बिगाड़ रही हैं तस्वीरों की क्वालिटी
महंगा स्मार्टफोन होने के बावजूद अगर आपकी तस्वीरें शानदार नहीं आ रही हैं, तो इसकी वजह कैमरा नहीं बल्कि आपकी कुछ छोटी-छोटी गलतियां हो सकती हैं. कैमरा सेटिंग्स, फोकस और सही मोड का इस्तेमाल न करने से फोटो की क्वालिटी प्रभावित हो सकती है.

नई दिल्ली: आज के समय में स्मार्टफोन केवल बातचीत का साधन नहीं रह गया है, बल्कि फोटोग्राफी का भी एक अहम माध्यम बन चुका है. यही वजह है कि नया फोन खरीदते समय लोग सबसे पहले उसके कैमरे की क्षमता पर ध्यान देते हैं. आईफोन, गूगल पिक्सल और सैमसंग गैलेक्सी जैसे प्रीमियम स्मार्टफोन्स अपने कैमरा फीचर्स के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद कई यूजर्स मनचाही क्वालिटी की तस्वीरें नहीं ले पाते.
अक्सर इसका कारण कैमरे की कमी नहीं, बल्कि उसे सही तरीके से इस्तेमाल न करना होता है. कई बार कुछ सामान्य गलतियों और जरूरी सेटिंग्स को नजरअंदाज करने की वजह से तस्वीरों की क्वालिटी प्रभावित हो जाती है. अगर आप भी अपने स्मार्टफोन से बेहतर फोटो क्लिक करना चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
कैमरा सेटिंग्स को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
अधिकांश स्मार्टफोन्स में फोटो खींचने से पहले कई तरह की क्विक सेटिंग्स उपलब्ध होती हैं, जिन्हें सीधे व्यूफाइंडर से एक्सेस किया जा सकता है. लेकिन ज्यादातर यूजर्स इन विकल्पों का उपयोग नहीं करते.
ब्राइटनेस, शैडो और व्हाइट बैलेंस का रखें ध्यान
कैमरा सेटिंग्स में मौजूद स्लाइडर्स की मदद से ब्राइटनेस, शैडो और व्हाइट बैलेंस को एडजस्ट किया जा सकता है. इससे तस्वीर की ओवरऑल लुक और क्वालिटी बेहतर बनती है. सही सेटिंग्स के साथ पहली बार में ही बेहतर फोटो क्लिक की जा सकती है.
एक्सपोजर सेटिंग को समझना भी जरूरी
कैमरा सेटिंग्स में एक्सपोजर कंट्रोल का विकल्प भी मिलता है.
छोटे Aperture का मतलब कम रोशनी लेकिन ज्यादा डेप्थ ऑफ फील्ड होता है.
बड़े Aperture के साथ ज्यादा रोशनी मिलती है और डेप्थ ऑफ फील्ड कम हो जाती है.
सिर्फ डिफॉल्ट मोड पर निर्भर रहना सही नहीं
आज के स्मार्टफोन्स में कई तरह के कैमरा मोड दिए जाते हैं, लेकिन अधिकांश लोग हर परिस्थिति में केवल डिफॉल्ट मोड का ही इस्तेमाल करते हैं. इससे कैमरे की पूरी क्षमता का उपयोग नहीं हो पाता.
अलग-अलग मोड का सही इस्तेमाल करें
- 'नाइट मोड' कम रोशनी या रात के समय बेहतर तस्वीरें लेने के लिए उपयोगी होता है.
- 'पोर्ट्रेट मोड' मुख्य विषय को फोकस में रखते हुए बैकग्राउंड को ब्लर करता है, जिससे तस्वीर ज्यादा आकर्षक दिखाई देती है.
- 'पैनोरमा मोड' की मदद से बड़े दृश्य या चौड़े लैंडस्केप की अल्ट्रा-वाइड तस्वीरें क्लिक की जा सकती हैं.
फोटो ग्रिड को हल्के में न लें
कई यूजर्स फोटो क्लिक करते समय ग्रिड फीचर को महत्व नहीं देते, जबकि यह बेहतर फ्रेमिंग और संतुलित तस्वीरों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है.
कौन सा ग्रिड है ज्यादा बेहतर?
विशेषज्ञों के अनुसार, 3x3 ग्रिड सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाला विकल्प है. यह फोटोग्राफी में संतुलन और बेहतर कंपोजिशन बनाने में मदद करता है.
हालांकि, जटिल और क्रिएटिव शॉट्स के लिए 4x4 या उससे बड़े ग्रिड का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
गलत सब्जेक्ट पर फोकस करने से खराब हो सकती है फोटो
स्मार्टफोन कैमरों में मिलने वाला ऑटो-फोकस फीचर काफी उपयोगी होता है, लेकिन यह हर परिस्थिति में पूरी तरह सटीक नहीं होता.
जब फ्रेम में कई ऑब्जेक्ट मौजूद हों या बैकग्राउंड ज्यादा व्यस्त हो, तब कैमरा गलत जगह फोकस कर सकता है, जिससे तस्वीर की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है.
फोकस लॉक फीचर का करें इस्तेमाल
ऐसी स्थिति में जिस सब्जेक्ट पर फोकस करना हो, उस पर टैप करना बेहतर विकल्प हो सकता है.
इसके अलावा, कई स्मार्टफोन कैमरे फोकस लॉक करने की सुविधा भी देते हैं. इसके लिए व्यूफाइंडर पर कुछ सेकंड तक दबाकर रखा जा सकता है, जिससे ऑटोमैटिक एडजस्टमेंट रुक जाता है और फोकस स्थिर बना रहता है.
कुछ स्मार्टफोन्स में मैनुअल फोकस एडजस्ट करने के लिए स्लाइडर भी दिया जाता है, जिससे तस्वीर पर अधिक नियंत्रण प्राप्त किया जा सकता है.


