भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया. अपने भाषण की शुरुआत में उन्होंने लगातार 12वीं बार तिरंगा फहराकर देशवासियों को आज़ादी का संदेश दिया. इस दौरान प्रधानमंत्री ने तकनीकी प्रगति, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और आर्थिक सुधारों से जुड़ी कई अहम घोषणाएं कीं. सबसे बड़ी घोषणा थी, भारत 2025 के अंत तक अपने स्वयं के सेमीकंडक्टर चिप्स लॉन्च करेगा.
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र की चर्चा दशकों पहले हुई थी. लगभग 50–60 साल पहले यह विचार सामने आया था, लेकिन उस समय इसे अमल में नहीं लाया जा सका. उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि भारत ने इन वर्षों में इस दिशा में बहुत समय खो दिया. हालांकि, अब देश इस कमी को पूरा करने के लिए मिशन मोड में काम कर रहा है.
पीएम मोदी ने बताया कि इस साल के अंत तक मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप्स बाजार में उपलब्ध होंगे. यह न केवल तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम होगा, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर उद्योग में अहम स्थान दिलाने में भी मदद करेगा.
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी को प्रौद्योगिकी संचालित सदी बताते हुए कहा कि आने वाले समय में वही देश आगे बढ़ेंगे जो तकनीकी क्षेत्र में नेतृत्व करेंगे. सेमीकंडक्टर चिप्स इसके मूल आधार होंगे, क्योंकि इनका इस्तेमाल मोबाइल, कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल, रक्षा उपकरण और अन्य आधुनिक तकनीकी साधनों में होता है. भारत का लक्ष्य है कि वैश्विक सप्लाई चेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जाए.
आपको बता दें कि भारत में छह सेमीकंडक्टर प्लांट में काम चल रहा है. इसके अलावा चार राज्यों में चार नए सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित करने की योजना को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है. ओडिशा, पंजाब और आंध्र प्रदेश में चार नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे. इन प्रोजेक्ट में कुल 4,594 करोड़ रुपये का निवेश होगा.
दरअसल, सरकार पहले ही छह सेमीकंडक्टर प्रोजेक्टस को स्वीकृति दे चुकी थी. अब चार और नई परियोजनाएं जोड़ दी गई हैं, जिससे कुल स्वीकृत परियोजनाओं की संख्या दस हो गई है. यह निर्णय भारत को ‘डिजिटल सुपरपावर’ बनाने के मिशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे देश में चिप उत्पादन की क्षमता में बढ़ोत्तरी होगी.
वहीं, प्रधानमंत्री ने तकनीकी विकास को ऊर्जा आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए कहा कि भारत सौर ऊर्जा, हाइड्रोजन ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से काम कर रहा है. उन्होंने जानकारी दी कि भारत ने स्वच्छ ऊर्जा क्षमता में बड़ी उपलब्धि हासिल की है और 2030 तक तय किए गए लक्ष्य का 50% हिस्सा पाँच साल पहले ही पूरा कर लिया गया है. यह कदम न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद करेगा, बल्कि भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक नेता बनाने में भी योगदान देगा.
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को लेकर भी एक बड़ा ऐलान किया. उन्होंने बताया कि सरकार 1 ट्रिलियन रुपये के निवेश से नई रोजगार योजना शुरू करने जा रही है. इसका उद्देश्य देशभर में लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है. यह योजना स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों को मजबूत करेगी और भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति देगी.
First Updated : Friday, 15 August 2025