नई दिल्ली: बेहद कम लोग ऐसे होते हैं जो पूरी दुनिया घूमने का सपना देखते हैं, और उससे भी कम लोग ऐसे होते हैं जो उसे सच कर दिखाते हैं. बेंगलुरु के रहने वाले संगीतकार और गिटारवादक बेनी प्रसाद ने ऐसा ही एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम करने का दावा किया है. इन दिनों उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपने 16 भारतीय पासपोर्ट दिखाते नजर आ रहे हैं. इन पासपोर्टों के पन्ने दुनिया के अलग-अलग देशों की वीजा मुहरों और इमिग्रेशन स्टैंप से भरे हुए हैं. बेनी का कहना है कि उन्होंने महज 6 साल, 6 महीने और 22 दिनों में अंटार्कटिका सहित 245 देशों और क्षेत्रों की यात्रा पूरी की. उनकी इस उपलब्धि ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है.
इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे एक वीडियो में बेनी प्रसाद अपने पासपोर्टों का संग्रह दिखाते हैं. समय के साथ इन पासपोर्टों के पन्ने पीले पड़ चुके हैं, लेकिन उन पर लगी वीजा मुहरें और एंट्री स्टैंप उनकी लंबी यात्राओं की कहानी बयां करते हैं. वीडियो में बेनी बताते हैं कि उन्होंने संप्रभु देशों के साथ-साथ आश्रित क्षेत्रों को भी मिलाकर कुल 245 स्थानों की यात्रा की है. उनका दावा है कि यह सफर उन्होंने सिर्फ 6 साल, 6 महीने और 22 दिनों में पूरा किया.
यह वीडियो 'मोस्ट ट्रैवल्ड पीपल' (MTP) नामक प्लेटफॉर्म द्वारा साझा किया गया है. वीडियो के साथ बताया गया कि बेनी प्रसाद दुनिया के हर देश की यात्रा करने वाले सबसे तेज यात्रियों में शामिल हैं. वीडियो में बेनी ने यह भी बताया कि अलग-अलग देशों के वीजा, दस्तावेज और यात्रा संबंधी औपचारिकताएं उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती थीं. कई देशों में प्रवेश की अनुमति पाने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपना लक्ष्य पूरा किया.
बेनी का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उनकी उपलब्धि की जमकर सराहना की. कई यूजर्स ने कहा कि 16 पासपोर्ट भर जाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है. एक यूजर ने लिखा कि इतनी यात्राओं के पीछे कितनी कागजी प्रक्रिया और इंतजार रहा होगा, इसकी कल्पना करना भी मुश्किल है. वहीं दूसरे यूजर ने उन्हें भारत का ट्रैवल लीजेंड बताया. कई लोगों ने यह भी कहा कि वीजा संबंधी चुनौतियों के बावजूद इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करना बेहद प्रेरणादायक है.
बेनी प्रसाद पेशे से संगीतकार, गिटारवादक और मोटिवेशनल स्पीकर हैं. उनका जन्म 6 अगस्त 1975 को बेंगलुरु में हुआ था. बचपन से ही उनका जीवन आसान नहीं रहा. उन्हें गंभीर अस्थमा की बीमारी थी, जिसके इलाज के दौरान लंबे समय तक दवाइयां लेनी पड़ीं. इसके कारण उनके फेफड़ों को नुकसान पहुंचा और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर हो गई. उनके परिवार की इच्छा थी कि वे पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करें, लेकिन पढ़ाई में लगातार कठिनाइयों के कारण वे मानसिक तनाव में रहने लगे. किशोरावस्था में उन्होंने गहरे अवसाद का सामना किया और एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने आत्महत्या का प्रयास किया.
जीवन में सबसे बड़ा बदलाव तब आया जब उन्होंने संगीत को अपना रास्ता बनाया. धीरे-धीरे संगीत उनकी पहचान बन गया और उन्होंने इसी के माध्यम से दुनिया के अलग-अलग देशों की यात्रा शुरू की. उनकी आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, आज बेनी हर साल 40 से 50 देशों का दौरा करते हैं और अपने संगीत के जरिए लोगों को उम्मीद, विश्वास और सकारात्मक सोच का संदेश देते हैं. उनका मानना है कि अगर कठिन परिस्थितियों से निकलकर वह अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं, तो दुनिया का कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में बदलाव ला सकता है.
बेनी प्रसाद की कहानी केवल दुनिया घूमने की नहीं, बल्कि कठिनाइयों से लड़कर आगे बढ़ने की भी है. गंभीर बीमारी, मानसिक तनाव और असफलताओं के बावजूद उन्होंने अपने जीवन को नई दिशा दी. आज उनका सफर लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुका है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा उनका वीडियो भी इसी बात का उदाहरण है कि मजबूत इरादों और लगातार मेहनत से असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं. First Updated : Friday, 26 June 2026