ब्रज की होली का काला सच! मथुरा-वृंदावन में रंगों की मस्ती के आड़ में महिलाओं के साथ छेड़-छाड़, देखें वीडियो
होली का त्यौहार नजदीक आते ही लोगों के मन में ब्रज की होली की याद आती है, लेकिन सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें ब्रज की होली का एक काला हिस्सा दिखाया जा रहा है.

Holi 2026: होली का त्योहार खुशी, रंग और एकता का प्रतीक है. उत्तर प्रदेश का ब्रज क्षेत्र (मथुरा, वृंदावन, बरसाना, नंदगांव, गोकुल) भगवान कृष्ण से जुड़ा होने के कारण होली के लिए खास है.
यहां लठमार होली, फूलों की होली और रंगों की मस्ती लाखों लोगों को आकर्षित करती है, लेकिन इस बार एक वायरल वीडियो ने उत्सव की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस वीडियो में ब्रज की होली का एक काला सच दिखाया गया है.
वायरल वीडियो का सच
सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे वीडियो में ब्रज की होली के दौरान महिलाओं के साथ गलत व्यवहार दिख रहा है. भीड़भाड़ वाली सड़कों पर रंग उछाले जा रहे हैं, लेकिन कुछ पुरुष महिलाओं को अनुचित तरीके से छूते नजर आ रहे है. वीडियो में हाथ पकड़ना, कपड़े खींचना और जबरदस्ती रंग लगाना जैसी हरकतें कैद हुई.
इस दौरान महिलाएं असहज दिख रही, कई महिलाएं दुपट्टे से चेहरा ढककर खुद को बचाने की कोशिश करती दिखी. यह फुटेज होली की मस्ती की बजाय उत्पीड़न जैसा लग रहा है, जो की इस त्यौहार का एक अलग हिस्सा दिखाता है.
सोशल मीडिया पर लोगों का फूटा गुस्सा
वीडियो देखकर लोग बहुत नाराज हैं. कई यूजर्स ने इसे "त्योहार के नाम पर अपराध" बताया. एक यूजर ने लिखा, "यह होली नहीं, छेड़छाड़ है. 'बुरा न मानो होली है' का मतलब यह नहीं कि हदें पार कर दो." दूसरे ने कहा, "ब्रज की होली का काला सच सामने आ गया. महिलाओं का सम्मान करें, उत्पीड़न को संस्कृति मत बनाओ."
कुछ महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने बताया कि वे ब्रज होली से दूर रहती हैं क्योंकि वहां सुरक्षा की कमी लगती है. एक ने कहा, "घर पर रहना ज्यादा सुरक्षित है."
"Dark side of Braj Ki Holi." 🚩🤡
— Mission Ambedkar (@MissionAmbedkar) February 27, 2026
Our humble advice to women: please stop
going to Barsana & Vrindavan to witness Holi there. Stay away if people are just looking for an excuse to harass women.
"Bura Na Mano Holi Hai" chanting must not be used to justify harassing women. pic.twitter.com/CrWHqCzPCZ
क्या है असली समस्या?
बहुत से लोग मानते हैं कि समस्या पुरुषों की गलत सोच में है, न कि त्योहार में. होली आनंद और भक्ति का पर्व है, लेकिन बिना सहमति के स्पर्श अपराध है. कुछ यूजर्स ने कहा कि महिलाओं को घर पर रहने की सलाह देना गलत है.
असली हल पुरुषों का व्यवहार बदलना और सख्त कानूनी कार्रवाई है. पुलिस को भीड़ में सुरक्षा बढ़ानी चाहिए. पिछले सालों में भी ऐसी शिकायतें आई हैं, लेकिन इस बार वीडियो वायरल होने से बहस और तेज हो गई है.


