खुला 7 करोड़ साल पुराना रहस्य! मिला डायनासोर युग का 'बगुला', वीडियो में देखिए कैसे करता था शिकार
अर्जेंटीना के पैटागोनिया क्षेत्र में एक ऐसे जीव के अवशेष खोजे हैं. जो डायनासोर के बारे में इंसानी समझ को पूरी तरह बदल देगा. इस नए डायनासोर को कंक ऑस्ट्रेलिस नाम दिया है.

नई दिल्ली: जब भी हमारे दिमाग में डायनासोर या 'रैप्टर' का नाम आता है तो जुरासिक पार्क जैसी एक तस्वीर उभरती है. जमीन पर तेजी से दौड़ते, नुकीले पंजों और खुले जबड़ों वाले आक्रामक शिकारी. लेकिन वैज्ञानिकों ने हाल ही में अर्जेंटीना के पैटागोनिया क्षेत्र में एक ऐसे जीव के अवशेष खोजे हैं. जो डायनासोर के बारे में इंसानी समझ को पूरी तरह बदल देगा.
डायनासोर का नाम क्या है?
वैज्ञानिकों ने इस नए डायनासोर को कंक ऑस्ट्रेलिस नाम दिया है. यह जीव करीब 7 करोड़ साल पहले धरती पर मौजूद था. यह मशहूर शिकारी 'वेलोसिराप्टर' का करीबी रिश्तेदार था. लेकिन इसका रहन-सहन और शिकार करने का तरीका जमीन के बजाय पानी से जुड़ा हुआ था.
नदियों के किनारे घात लगाकर बैठता था यह शिकारी
कंक ऑस्ट्रेलिस जमीन पर दौड़कर शिकार करने के बजाय नदियों, झीलों और तालाबों के किनारे शांत बैठकर घात लगाता था. शोधकर्ताओं ने जब इसके जीवाश्मों का बारीकी से अध्ययन किया तो इसकी गर्दन की हड्डियों में कुछ बेहद खास संरचनाएं मिलीं.
बनावट बिल्कुल बगुले जैसी
इसकी रीढ़ और गर्दन की बनावट बिल्कुल आज के आधुनिक 'बगुले' पक्षी जैसी थी. यह विशेष शारीरिक ढांचा इसे अपनी गर्दन को तेजी से हिलाने और मोड़ने की ताकत देता था. इसी लचीली गर्दन के दम पर यह पानी में तैरती मछलियों, मेंढकों और छोटे जलीय जीवों को पलक झपकते ही अपनी चोंचनुमा जबड़े में दबोच लेता था.
पैटागोनिया का बदला हुआ इतिहास
अर्जेंटीना का पैटागोनिया इलाका काफी सूखा और रेगिस्तानी नजर आता है। 7 करोड़ साल पहले ऐसा बिल्कुल नहीं था. उस दौर में यह पूरा क्षेत्र बेहद नमी वाला, घने जंगलों, झरनों से घिरा हुआ था. वैज्ञानिकों को इसके प्राचीन मछलियों के अवशेष भी मिले हैं. जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि मछली ही इसका मुख्य भोजन थी.
बड़े जानवरों से खुद को कैसे बचाता था?
बगुले जैसी आदतों वाला यह डायनासोर आकार में बहुत विशाल नहीं था. इसकी खोखली और हवा से भरी हड्डियां इसे काफी हल्का और फुर्तीला बनाती थीं. यह फुर्ती इसके जीवित रहने के लिए बहुत जरूरी थी क्योंकि इसी इलाके में मैप मैक्रोनॉरेक्स जैसे 10 मीटर (33 फीट) लंबे विशालकाय और खूंखार मांसाहारी डायनासोर भी घूमते थे. कंक ऑस्ट्रेलिस को पानी में शिकार करने के साथ-साथ एक आंख हमेशा इन विशाल शिकारियों पर रखनी पड़ती थी ताकि खतरा देखते ही वह वहां से तेजी से भाग सके.


