सुहागरात का Live वीडियो वायरल, दूल्हे के भाई की हरकत से मचा बवाल, देखे Video

‘Live Suhagrat’ नाम से वायरल हुए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी है, जिसमें एक नवविवाहित जोड़े की पहली रात के प्राइवेट पलों में दूल्हे का भाई चोरी-छिपे झांकता हुआ नजर आ रहा है.

Deeksha Parmar
Edited By: Deeksha Parmar

सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो गया है जिसने लोगों को चौंका कर रख दिया है. यह वीडियो एक नवविवाहित जोड़े की पहली रात से जुड़ा है, जिसमें दूल्हे का भाई चोरी-छिपे उन्हें झांकते हुए कैमरे में कैद हो गया. वीडियो के वायरल होने के बाद इसे लेकर गोपनीयता और कानूनी नियमों पर बहस छिड़ गई है, जिसमें IPC और IT एक्ट की धाराएं लागू हो सकती हैं.

बता दें कि इस घटना ने न केवल एक दूल्हे और दुल्हन के निजी पलों की उल्लंघना को उजागर किया, बल्कि भारतीय दंड संहिता की धारा 354C और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत इसके कानूनी परिणामों को भी सामने ला दिया है.

भाई ने रिकॉर्ड किया सुहागरात का वीडियो

बता दें कि यह वीडियो दुल्हे के भाई ने गुपचुप तरीके से रिकॉर्ड किया था. हालांकि, यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन चुका है. इस वीडियो को @Haste__Raho नाम के एक यूजर ने एक्स पर शेयर किया है जिसके कैप्शन में लिखा है, तीसरी आँख ...हे पार्थ कब प्रोग्राम चालू होगा?. इस वीडियो को देखने के बाद लोग खूब कमेंट कर रहे हैं.

वायरल वीडियो लोगों के कमेंट

इस वीडियो को देखने के बाद कई लोगों ने मजाकिया कमेंट किया है. एक यूजर ने लिखा है, यह सीसीटीवी कैमरे का नया मॉडल है क्या?. वहीं दूसरे यूजर ने लिखा है,  सुहागरात भी अच्छे से नहीं मानने दे. वहीं एक तीसरे यूजर ने लिखा,  ए क्या कर रहा ऊपर.  वहीं एक यूजर ने मजेदार कमेंट करत हुए लिखा है, पुत्तर ऐसा नहीं करते हैं वो श्राप दे देगी तो तेरे समय जब ये वाले आएंगे तो तेरा चूहा निकल कर भाग खड़ा होगा और तेरी भद्द पीटेगी.

वायरल वीडियो पर विशेषज्ञों की राय

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की अप्रत्याशित और अनधिकृत घुसपैठ निजी पलों में गोपनीयता का उल्लंघन करती है और इसके गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं. भारतीय दंड संहिता की धारा 354C के तहत, वॉयरोइज़्म (गुपचुप तरीके से किसी महिला के निजी क्रियाओं को देखना या उनकी तस्वीरें खींचना) एक अपराध है और इसे सजा का सामना करना पड़ता है. 

सजा का भी है प्रावधान

पहली बार अपराध करने वालों को 1 से 3 साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है, जबकि पुनरावृत्ति करने वालों के लिए दंड और कड़ा हो सकता है. इसके अतिरिक्त, 2000 के सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत, बिना सहमति के किसी व्यक्ति के निजी अंगों की तस्वीरें खींचने, प्रकाशित करने या प्रसारित करने पर भी सजा का प्रावधान है. धारा 66E के तहत इस अपराध को करने पर 3 साल तक की सजा और जुर्माना लगाया जा सकता है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag