पाकिस्तान में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा, कराची की सड़कों पर दिखा अद्भुत नजारा
पाकिस्तान के कराची शहर में इस बार भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। रास्ते भर 'जय जगन्नाथ' और 'हरे कृष्ण' के नारे गूंजते रहे।

नई दिल्ली: पाकिस्तान के कराची शहर में इस बार भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। रास्ते भर 'जय जगन्नाथ' और 'हरे कृष्ण' के नारे गूंजते रहे। इस धार्मिक आयोजन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे खूब शेयर कर रहे हैं।
फूलों से सजे रथ पर विराजे भगवान
यात्रा से पहले मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की मूर्तियों को फूलों से सजे भव्य रथ पर स्थापित किया गया। रथ को रंग-बिरंगे फूलों, झालरों और लाइटों से सजाया गया था।
जैसे ही यात्रा शुरू हुई, श्रद्धालुओं ने रस्सियां पकड़कर रथ को खींचना शुरू किया। महिलाएं, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग सभी पारंपरिक कपड़ों में शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों की आवाज, भजन-कीर्तन और धार्मिक गीतों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। रास्ते भर भक्त "जय जगन्नाथ" के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।
सुरक्षा के बीच उमड़ी भारी भीड़
रथ यात्रा देखने के लिए कराची की सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। कई लोगों ने मोबाइल से वीडियो और फोटो बनाए। सोशल मीडिया पर सामने आए क्लिप्स में श्रद्धालुओं का उत्साह साफ देखा जा सकता है।
इतने बड़े आयोजन को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पूरे मार्ग पर पुलिस और सुरक्षाकर्मी तैनात थे। आयोजकों ने भी भीड़ को मैनेज करने में अहम भूमिका निभाई ताकि यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो।
पाकिस्तान में हर साल मनाई जाती है परंपरा
पाकिस्तान में रहने वाला हिंदू समुदाय हर साल भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकालता है। ये उनके प्रमुख धार्मिक त्योहारों में से एक है। इस मौके पर लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर पूजा करते हैं और अपनी संस्कृति को जिंदा रखते हैं।
भगवान जगन्नाथ की सबसे प्रसिद्ध रथ यात्रा ओडिशा के पुरी में होती है, जहां हर साल लाखों लोग शामिल होते हैं। लेकिन अब दुनिया के कई देशों में बसे हिंदू समुदाय भी इस परंपरा को निभा रहे हैं। कराची की यात्रा भी उसी कड़ी का हिस्सा है।
सोशल मीडिया पर हुई तारीफ
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग कराची की रथ यात्रा की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे आस्था की मिसाल बताया। कुछ ने लिखा कि हर देश में लोगों को अपने त्योहार मनाने की आजादी होनी चाहिए। ये आयोजन एक बार फिर दिखाता है कि आस्था की कोई सरहद नहीं होती। अलग-अलग मुल्कों में रहने वाले लोग भी अपनी परंपराओं को पूरी श्रद्धा से निभाते हैं।


