वायरल वीडियो: चीन में टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दखल अब सिर्फ फैक्ट्रियों या लैब तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आम जिंदगी और सदियों पुरानी परंपराओं तक पहुंच चुका है. इसका ताजा उदाहरण एक वायरल वीडियो है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों को हैरान कर दिया है.
इस वीडियो में चीन के प्रसिद्ध शाओलिन मंदिर परिसर का दृश्य दिखाई देता है, जहां ह्यूमनॉइड रोबोट्स भिक्षुओं के साथ खड़े होकर कुंग फू की प्रैक्टिस करते नजर आ रहे हैं. इंसानों और मशीनों को एक ही लय, एक ही मुद्रा और एक ही अनुशासन में अभ्यास करते देख लोग इसे तकनीक की नई छलांग बता रहे हैं.
वायरल क्लिप्स में देखा जा सकता है कि ह्यूमनॉइड रोबोट्स शाओलिन भिक्षुओं के साथ बिल्कुल एक जैसी मुद्रा में मूवमेंट कर रहे हैं. वे न केवल हाथ-पैरों की पारंपरिक पोजिशन की नकल कर रहे हैं, बल्कि पूरे मार्शल आर्ट रूटीन को भी सटीकता के साथ दोहरा रहे हैं.
इन दृश्यों का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि मशीनें उन गतिविधियों को अंजाम दे रही हैं, जिन्हें अब तक इंसानी अनुशासन, आध्यात्मिक साधना और पीढ़ियों से चली आ रही कठिन ट्रेनिंग का प्रतीक माना जाता रहा है. सदियों पुरानी मानव परंपरा के बीच मशीनों को उसी निपुणता से हरकत करते देख कई यूजर्स चौंक गए.
चाइना इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक, इन ह्यूमनॉइड रोबोट्स को शंघाई स्थित AgiBot नामक कंपनी ने विकसित किया है. यह कंपनी ऐसे रोबोट तैयार करती है, जो वास्तविक दुनिया में जटिल काम करने में सक्षम हों.
रिपोर्ट्स के अनुसार, ये रोबोट अपने आसपास के वातावरण को समझने, उसकी गणना करने और उसी के अनुसार शारीरिक गतिविधियां करने में सक्षम हैं. इन्हें इस तरह डिजाइन किया गया है कि ये सेंसर इनपुट को प्रोसेस कर सकें और वे शारीरिक गतिविधियां कर सकें, जिन्हें आमतौर पर इंसान ही करते हैं.
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कुछ लोगों का मानना है कि यह AI जनरेटेड वीडियो हो सकता है और रोबोट्स का इतनी निपुणता से मार्शल आर्ट सीखना संभव नहीं है. वहीं कुछ यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में सवाल किया कि क्या ये रोबोट कपड़े और बर्तन भी धो सकते हैं.
कई लोगों ने इस वीडियो को देखकर इंसानों के भविष्य को लेकर चिंता जताई है. उनका कहना है कि धीरे-धीरे AI और रोबोट का यह समन्वय इंसानों की जगह ले सकता है और मानव समाज को दरकिनार किया जा सकता है. कुछ यूजर्स ने इसे भविष्य में “बैक फायर” करने वाली तकनीक भी बताया है. First Updated : Monday, 09 February 2026