नई दिल्ली: अमेरिका के टेक्सस राज्य से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने भारतीय समुदाय में नाराजगी पैदा कर दी है. सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में एक व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करता दिखाई दे रहा है. घटना के बाद न सिर्फ भारतीय मूल के लोगों बल्कि कई सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस व्यवहार की कड़ी आलोचना की है. वीडियो को लेकर ऑनलाइन बहस तेज हो गई है और लोग इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना टेक्सस के फ्रिस्को शहर की बताई जा रही है. वायरल वीडियो में एक व्यक्ति सिटी हॉल के बाहर खड़ा दिखाई देता है और उसके हाथ में भारतीय तिरंगा नजर आता है. वीडियो में वह झंडे को फाड़ते हुए दिखाई देता है और इस दौरान भारत तथा भारतीय समुदाय को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी करता है. बताया जा रहा है कि घटना के समय वहां कई अन्य लोग भी मौजूद थे. वीडियो में कुछ लोग अमेरिकी झंडा लिए दिखाई देते हैं, जबकि आसपास मौजूद कुछ लोग इस पूरी घटना को देखते हुए नजर आते हैं.
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया गया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया. कुछ ही समय में वीडियो को लाखों बार देखा गया और हजारों लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी. वीडियो शेयर करने वाले यूजर ने दावा किया कि यह घटना स्थानीय स्तर पर भारतीय प्रवासियों को लेकर बढ़ती नाराजगी से जुड़ी हो सकती है. हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. फिर भी वीडियो के सामने आने के बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया.
वीडियो वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में भारतीय यूजर्स ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की. लोगों का कहना है कि किसी भी देश के राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान किया जाना चाहिए और इस तरह की हरकतें स्वीकार नहीं की जा सकतीं. कई लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारतीय समुदाय ने दुनिया के कई देशों में शिक्षा, तकनीक और व्यवसाय के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. ऐसे में किसी भी समुदाय को निशाना बनाकर अपमानजनक व्यवहार करना गलत है.
सोशल मीडिया पर कई भारतीयों ने वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की आलोचना की. कुछ यूजर्स ने कहा कि नफरत और भड़काऊ बयान किसी समाज को आगे नहीं बढ़ा सकते. वहीं अन्य लोगों ने लिखा कि भारत की बढ़ती वैश्विक पहचान और उपलब्धियां कुछ लोगों को असहज कर सकती हैं, लेकिन इससे देश की प्रगति रुकने वाली नहीं है. कई प्रतिक्रियाओं में यह भी कहा गया कि किसी राष्ट्र के प्रतीकों का सम्मान करना लोकतांत्रिक मूल्यों और सभ्य समाज की पहचान होती है. लोगों ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए ऐसे व्यवहार की निंदा की. First Updated : Wednesday, 03 June 2026