नई दिल्लीः दिल्ली मेट्रो में स्वच्छता और सार्वजनिक मर्यादा की अनदेखी करते हुए पिंक लाइन के नरैना विहार स्टेशन पर एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में एक शख्स एस्केलेटर के नीचे खुलेआम पेशाब करते हुए कैद हुआ है. इस घटना ने न केवल दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा और स्वच्छता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर शालीनता की सीमाओं को भी चुनौती दी है.
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया और बयान जारी किया. डीएमआरसी ने कहा कि मेट्रो परिसर को गंदा करना दंडनीय अपराध है और यात्रियों से अनुरोध किया गया कि वे सफाई बनाए रखने में मदद करें. यदि कोई यात्री किसी व्यक्ति को ऐसी अनुचित गतिविधि करते देखता है, तो उसे तुरंत डीएमआरसी, सीआईएसएफ या पुलिस अधिकारियों को सूचित करना चाहिए. इसके अतिरिक्त, ट्रेनों में लगे इमरजेंसी अलार्म और हेल्पलाइन नंबर 155370 का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
डीएमआरसी ने साफ-साफ कहा कि मेट्रो में सफाई और व्यवस्था बनाए रखना सभी यात्रियों की जिम्मेदारी है और उन्हें इस दिशा में सहयोग करना चाहिए.
वीडियो में देखा जा सकता है कि शख्स एस्केलेटर के नीचे लगे शीशे पर पेशाब कर रहा है. इसके दौरान वह बार-बार पीछे मुड़कर देखता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उसे अपनी हरकत का एहसास था. जैसे ही उसने यह देखा कि वीडियो बन रहा है, वह मौके से भाग गया.
इस तरह की हरकत ने यात्रियों में भारी आक्रोश और चिंता पैदा कर दी है. आम तौर पर मेट्रो में खाने-पीने की चीजें फेंकने या गंदगी फैलाने जैसी शिकायतें आती रहती हैं, लेकिन स्टेशन परिसर में खुलेआम पेशाब करने जैसी घटना ने सभी को हैरान कर दिया.
सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ और लोग अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. कई लोगों ने इसे बेहद शर्मनाक और विचलित करने वाली घटना बताया. कुछ ने सार्वजनिक स्थानों पर नागरिक जिम्मेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि अन्य ने सुझाव दिया कि ऐसी हरकतों को रोकने के लिए भारी जुर्माना और कड़े दंड लागू किए जाने चाहिए.
डीएमआरसी ने यात्रियों से अपील की है कि वे मेट्रो परिसर में साफ-सफाई और शालीनता बनाए रखने में सहयोग करें. किसी भी संदिग्ध या अनुचित गतिविधि को देखे जाने पर तुरंत अधिकारियों को सूचित करना, ट्रेनों में लगे इमरजेंसी अलार्म का इस्तेमाल करना और हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करना अनिवार्य है.
डीएमआरसी का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में स्वच्छता और मर्यादा बनाए रखना केवल कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी यात्रियों का कर्तव्य है. इस घटना ने एक बार फिर नागरिक जिम्मेदारी और सार्वजनिक स्थानों में अनुशासन की जरूरत को उजागर किया है. First Updated : Tuesday, 20 January 2026