BJP-RSS को सांप कहने पर मचा हड़कंप! कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ शिकायत दर्ज
असम में चुनावी रैली के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे BJP और RSS को लेकर एक विवादित बयान दिया था, जिसको लेकर बीजेपी नेता ने पुलिस थाने जाकर शिकायत दर्ज करवाई है.

Assam Election 2026: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक विवादित बयान ने राजनीतिक गलियारों में तूफान खड़ा कर दिया है. असम में चुनावी रैली के दौरान खरगे ने भाजपा और आरएसएस की तुलना जहरीले सांप से की थी, जिसके बाद भाजपा ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.
खरगे का विवादित बयान
खरगे ने रैली में कहा था, “कुरान शरीफ में लिखा है कि नमाज पढ़ते समय अगर जहरीला सांप सामने आ जाए तो नमाज छोड़कर पहले उसे मार दो. आज आरएसएस और भाजपा वही जहरीला सांप हैं. अगर आप उन्हें नहीं मारोगे तो खुद बच नहीं पाओगे.” यह बयान चुनावी मंच से दिया गया था, जिसे भाजपा ने बेहद आपत्तिजनक बताया है.
भाजपा की शिकायत और पुलिस कार्रवाई
भाजपा नेता रंजीव कुमार शर्मा ने खरगे के खिलाफ असम के एक पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत भाजपा के राज्य कार्यालय के पास स्थित थाने में दी गई. भाजपा का कहना है कि चुनावी रैली में दिया गया यह बयान राजनीतिक माहौल को खराब करता है और समाज में नफरत फैलाने वाला है. पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है.
गिरिराज सिंह का पलटवार
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने खरगे पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि जब तक भाजपा और आरएसएस देश में हैं, तब तक आतंकवादियों को कोई जगह नहीं मिलेगी. गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि खरगे अपने कार्यकाल में देश को काफी नुकसान पहुंचा चुके है और अब परेशान होकर ऐसे बयान दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि खरगे नमाज पढ़ने वालों के साथ रहते हैं, इसलिए इस तरह के विवादित बयान देते हैं.
ममता बनर्जी पर भी निशाना
गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी हमला बोलते हुए कहा कि वे चुनाव जीतने के लिए भ्रम फैला रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी राज्य में कुछ काम नहीं कर पाई, इसलिए जनता से बचने के लिए SIR (विशेष गणना) का मुद्दा उठा रही हैं.
गिरिराज सिंह ने कहा कि बंगाल की स्थिति बहुत खराब हो गई है और लोग इनके खिलाफ तैयार बैठे हैं. इस मामले पर अभी कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि चुनावी मौसम में यह विवाद और तनाव बढ़ा सकता है.
