केसी वेणुगोपाल ने CM पिनारयी विजयन पर BJP से 'सौदा' करने का लगाया आरोप, चुनाव से पहले सीतारमण से मुलाकात पर उठाया सवाल

केरल विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन को एक पत्र लिखा, जिसमें एलडीएफ सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

Sonee Srivastav

तिरुवनंतपुरम: केरल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन को एक खुला पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने एलडीएफ सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं और भाजपा के साथ गुप्त सौदों का दावा किया है. यह पत्र 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सार्वजनिक प्रचार के समाप्त होने के दिन लिखा गया है.

भाजपा के साथ गुप्त समझौते का आरोप

वेणुगोपाल ने पत्र में कहा कि मुख्यमंत्री विजयन के 10 साल के शासनकाल पर लोगों के मन में कई सवाल है. उन्होंने 10 बड़े सवाल पूछते हुए आरोप लगाया कि विजयन केंद्र की भाजपा सरकार और उसके नेताओं के साथ गुप्त सौदे कर रहे हैं.

पत्र में विशेष रूप से दो मुलाकातों पर सवाल उठाए गए है. पहली मुलाकात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर हुई, जिसमें कोई अधिकारी मौजूद नहीं था. दूसरी बैठक दिल्ली के केरल हाउस में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लिए बिना अधिकारियों के नाश्ते की बैठक की गई. वेणुगोपाल ने पूछा कि इन बैठकों का असली उद्देश्य क्या था और क्या इनमें कोई समझौता हुआ?

सोने-डॉलर तस्करी और अन्य मुद्दे

वेणुगोपाल ने सोने और डॉलर की तस्करी के मामले का भी जिक्र किया, जिसमें मुख्यमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव का नाम शामिल है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों ने इस मामले की जांच अचानक रोक दी. साथ ही न्यायमूर्ति वी.के. मोहनन आयोग की जांच की वर्तमान स्थिति पर जानकारी मांगी.

उन्होंने पीएम श्री योजना लागू करने, केंद्र के श्रम कानूनों और एसएनसी-लावेलिन मामले में सुप्रीम कोर्ट में बार-बार सुनवाई स्थगित होने जैसे मुद्दों पर भी सवाल उठाए. वेणुगोपाल ने पूछा कि क्या इन सबके पीछे भाजपा के साथ कोई गुप्त सौदा है.

10 सवाल और जवाब की मांग

पत्र में कुल 10 प्रमुख सवाल पूछे गए हैं, जिनमें अमित शाह, निर्मला सीतारमण, नितिन गडकरी से हुई मुलाकातों, एडीजीपी एमआर अजीत कुमार को संरक्षण और श्री एम की मध्यस्थता से हुई बैठक जैसे मुद्दे शामिल है. वेणुगोपाल ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री इन सवालों का जवाब देंगे. उन्होंने कहा कि जनता को इन मुद्दों पर सच्चाई जानने का अधिकार है.

अभी तक मुख्यमंत्री कार्यालय या सीपीआई(एम) की ओर से इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. केरल में चुनावी माहौल गर्म है और यह पत्र आखिरी चरण में विवाद खड़ा कर सकता है.

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