केरल CM पर कांग्रेस में घमासान, वेणुगोपाल-सतीशन के बीच फंसा पेंच 

केरल में चुनाव परिणाम आने के कई दिन बाद भी कांग्रेस आलाकमान राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं कर पा रहा है. यही वजह है कि पार्टी के भीतर जारी खींचतान ने इस मुद्दे को और पेचीदा बना दिया है.

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Edited By: JBT Desk

नई दिल्ली: केरल में कांग्रेस के समर्थन वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) गठबंधन की शानदार जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर खड़ा हो गया है. बता दें, चुनाव परिणाम आने के कई दिन बाद भी कांग्रेस आलाकमान राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं कर पा रहा है. यही वजह है कि पार्टी के भीतर जारी खींचतान ने इस मुद्दे को और पेचीदा बना दिया है.

कौन होगा मुख्यमंत्री? 

मतगणना के शुरुआती रुझानों से ही साफ हो गया था कि यूडीएफ राज्य में मजबूत वापसी करने जा रहा है. इसके बाद तिरुवनंतपुरम स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में जश्न का माहौल बन गया. इस दौरान कार्यकर्ता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य नेताओं की तस्वीरों के साथ केसी वेणुगोपाल के बड़े पोस्टर लेकर पहुंचे. चुनाव के अगले दिन कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगे पोस्टरों में वेणुगोपाल को “असल नेता” तक बताया गया, जिससे यह संकेत मिलने लगे कि पार्टी के भीतर उन्हें मुख्यमंत्री पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है.

समर्थकों ने आगे बढ़ाया नाम 

बता दें, कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को राहुल गांधी का करीबी माना जाता है. यही वजह है कि पार्टी के अधिकांश विधायक और कई वरिष्ठ नेता भी उनके समर्थन में नजर आए. मुख्यमंत्री चयन के लिए पार्टी नेतृत्व द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों अजय माकन और मुकुल वासनिक ने जब नव निर्वाचित विधायकों से राय ली, तब बड़ी संख्या में विधायकों ने वेणुगोपाल का नाम आगे बढ़ाया.

मजबूत दावेदार बनकर उभरे वीडी सतीशन 

हालांकि मुख्यमंत्री की दौड़ इतनी आसान नहीं दिख रही. इस बीच वीडी सतीशन भी मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं. पिछले कुछ वर्षों में सतीशन ने राज्य की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है और आम लोगों के बीच लोकप्रियता हासिल की है. कांग्रेस की सहयोगी पार्टी आईयूएमएल भी खुलकर उनके समर्थन में उतर आई है. बताया जा रहा है कि सतीशन अगर मुख्यमंत्री नहीं बनते है तो वह सरकार में कोई भी मंत्री पद नहीं लेंगे.

वहीं वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नीथला भी अपने लंबे राजनीतिक अनुभव के आधार पर मुख्यमंत्री पद पर दावा जता रहे हैं. तीनों नेताओं के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया और जमीन पर शक्ति प्रदर्शन भी देखने को मिला. कुछ जगहों पर विरोध प्रदर्शन और पोस्टरों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आई हैं,  जिससे पार्टी नेतृत्व नाराज बताया जा रहा है.

सहमति बनाने की कोशिश

जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली में तीनों नेताओं के साथ लंबी बैठक कर सहमति बनाने की कोशिश की, लेकिन अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है. सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व ऐसा रास्ता तलाश रहा है जिसमें वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाया जाए, जबकि सतीशन को सरकार में अहम जिम्मेदारी दी जाए. वहीं चेन्नीथला को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने की भी चर्चा है. हालांकि फैसले में हो रही देरी को लेकर कांग्रेस विपक्ष के निशाने पर आ गई है. पांच राज्यों के चुनावों में बाकी सभी जगह मुख्यमंत्री तय हो चुके हैं, लेकिन केरल में अभी भी गठबंधन के बीच तालमेल नहीं बन रहा है.

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