वायरल वीडियो से मचा तूफान... बंगाल चुनाव से पहले हुमायूं कबीर को बड़ा झटका, AIMIM ने छोड़ा साथ

पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले हुमायूं कबीर के कथित वीडियो ने सियासी हलचल बढ़ा दी है. AIMIM ने गठबंधन तोड़ दिया है, जबकि TMC ने गंभीर आरोप लगाकर जांच की मांग की है.

Shraddha Mishra

पश्चिम बंगाल की सियासत में चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है और एक नया विवाद राजनीतिक माहौल को और गरमा रहा है. हुमायूं कबीर से जुड़ा एक वीडियो सामने आने के बाद न सिर्फ उनकी छवि पर सवाल उठे हैं, बल्कि उनके राजनीतिक समीकरण भी बदलते नजर आ रहे हैं. इस पूरे घटनाक्रम के बीच AIMIM ने भी बड़ा फैसला लेते हुए गठबंधन से किनारा कर लिया है, जिससे चुनावी समीकरण और दिलचस्प हो गए हैं.

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने हुमायूं कबीर के साथ अपना गठबंधन खत्म कर दिया है. पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह अब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी. इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना है.

वीडियो से बढ़ा विवाद

गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो सामने आया, जिसमें हुमायूं कबीर को लेकर कई बड़े दावे किए जा रहे हैं. इस वीडियो ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. इसमें कबीर कथित तौर पर भाजपा नेताओं से अपने संबंधों और 1000 करोड़ रुपए की डील पर बात करते नजर आ रहे हैं. इसके साथ ही वो कह रहे हैं कि किसी भी कीमत पर सत्ता से ममता बनर्जी को हटाना है. 

TMC ने उठाए सवाल

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस वीडियो को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वीडियो साझा किया और मामले की जांच की मांग की. TMC का कहना है कि कबीर के भाजपा नेताओं से संबंध होने के दावे गंभीर हैं और इसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराई जानी चाहिए. पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि यह सब ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने की साजिश का हिस्सा हो सकता है.

वीडियो में क्या दिखा

वीडियो में कबीर कथित तौर पर कहते नजर आ रहे हैं कि वह ममता बनर्जी को हराने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. साथ ही उन्होंने भाजपा के कुछ बड़े नेताओं से संपर्क में होने की बात भी कही है. हालांकि, कबीर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह वीडियो फर्जी है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है. उन्होंने इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश बताते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.

नई पार्टी बनाकर मैदान में

तृणमूल कांग्रेस से निलंबित होने के बाद हुमायूं कबीर ने अपनी नई पार्टी ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ (AJUP) बनाई थी. वीडियो में उन्हें कथित तौर पर यह कहते हुए भी सुना गया कि उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से बातचीत की थी और उन्हें अन्य राज्यों के नेताओं के साथ समन्वय करने की सलाह दी गई थी.

पैसों के लेन-देन का भी जिक्र

इस वीडियो में एक और बड़ा दावा सामने आया है, जिसमें कबीर कथित तौर पर चुनावी रणनीति के लिए बड़ी रकम के लेन-देन की बात करते नजर आ रहे हैं. कहा गया है कि इस योजना के तहत उन्हें करोड़ों रुपये एडवांस के रूप में मिले. इन दावों ने मामले को और गंभीर बना दिया है और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं.

TMC के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम ने आरोप लगाया कि कबीर अल्पसंख्यक वोटों को प्रभावित करने के लिए भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है. वहीं, मंत्री अरूप बिस्वास ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वीडियो सही है, तो यह चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश है. उन्होंने AIMIM और उसके प्रमुख से इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो