धमकियों से दहला गांव, सड़कों पर उतरे लोग, बंगाल चुनाव में बढ़ा टकराव, फोर्स तैनात

पश्चिम बंगाल में मतदान के दौरान अनियमितताओं के चलते 15 बूथों पर दोबारा वोटिंग कराई जा रही है, जबकि दक्षिण 24 परगना में धमकियों के आरोपों से तनाव बढ़ गया है. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने मतगणना में केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती को सही ठहराते हुए टीएमसी की याचिका खारिज कर दी.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान के दौरान सामने आई अनियमितताओं के बाद अब चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए अहम कदम उठाए गए हैं. चुनाव आयोग के निर्देश पर शनिवार, 2 मई को राज्य के 15 मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग कराई जा रही है. इन केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं और लोग उत्साह के साथ अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं.

हसीमपुर इलाके में तनाव की स्थिति

इसी बीच दक्षिण 24 परगना जिले के फलता सब-डिवीजन के हसीमपुर इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई. यहां स्थानीय हिंदू ग्रामीणों ने कथित धमकियों के विरोध में प्रदर्शन किया. ग्रामीणों का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पंचायत प्रधान इसराफिल चोंकदार द्वारा उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है. उनका कहना है कि उन्हें जान से मारने और गंगा में फेंकने जैसी गंभीर धमकियां दी गईं, जिससे इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है.

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़कों पर उतर आए और प्रशासन से सुरक्षा की मांग की. खासतौर पर महिलाओं ने भी खुलकर अपनी बात रखी. उनका कहना है कि वे किसी राजनीतिक दल से जुड़ी नहीं हैं, लेकिन सिर्फ हिंदू होने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है. महिलाओं ने आरोप लगाया कि यह मान लिया गया है कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को वोट दिया है. इसी आधार पर उन्हें धमकाया और प्रताड़ित किया जा रहा है.

स्थानीय महिला ने क्या कहा? 

एक स्थानीय महिला ने बताया कि पंचायत प्रधान ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी पार्टी चुनाव जीतती है तो गांव में हिंसा हो सकती है, यहां तक कि घरों को जलाने जैसी घटनाएं भी हो सकती हैं. इन आरोपों ने इलाके में तनाव को और बढ़ा दिया है.

स्थिति को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया है. इलाके में शांति बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील भी की है.

दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने साउथ 24 परगना जिले की मगराहाट वेस्ट और डायमंड हार्बर विधानसभा सीटों के 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया है. इनमें मगराहाट वेस्ट के 11 और डायमंड हार्बर के 4 बूथ शामिल हैं. आयोग ने यह निर्णय कई जगहों से मिली गड़बड़ी और अनियमितताओं की शिकायतों के आधार पर लिया है. इन बूथों पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान जारी रहेगा.

बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग को कुल 77 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने की मांग मिली थी. शिकायतों में ईवीएम से छेड़छाड़ और मशीनों में तकनीकी खराबी जैसे आरोप शामिल थे. इन शिकायतों की जांच के बाद चुनाव पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर आयोग ने सीमित संख्या में बूथों पर दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया, ताकि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके.

 तृणमूल कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट से झटका

इधर, मतगणना से पहले तृणमूल कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. पार्टी ने मतगणना केंद्रों पर केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती के फैसले को चुनौती दी थी, लेकिन कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी. अदालत ने स्पष्ट किया कि मतगणना में केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति नियमों के खिलाफ नहीं है और इसमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है. इस फैसले के बाद चुनाव आयोग की तैयारियों को मजबूती मिली है और अब सभी की नजरें 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं.

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