सुवेंदु अधिकारी के करीबी चंद्रनाथ रथ की हत्या सुनियोजित, हमलावरों ने 72 घंटे तक की रेकी: SIT
कोलकाता के मध्यग्राम में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई. एसआईटी जांच में सामने आया है कि पेशेवर शूटरों ने वारदात से पहले 72 घंटे तक इलाके की रेकी की थी.

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और उनके पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है. कोलकाता एयरपोर्ट के पास मध्यग्राम में हुई इस सनसनीखेज वारदात की जांच कर रही एसआईटी ने शुरुआती जांच में इसे पेशेवर हत्यारों द्वारा अंजाम दी गई सुनियोजित हत्या बताया है.
जांचकर्ताओं के मुताबिक, हमलावरों ने वारदात से पहले करीब 72 घंटे तक इलाके की रेकी की थी. बुधवार देर रात हुई इस गोलीबारी में चंद्रनाथ रथ की मौत हो गई, जबकि उनके ड्राइवर बुद्धदेव बेरा गंभीर रूप से घायल हैं. घटना के बाद से पुलिस कई अहम सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है.
72 घंटे तक रेकी कर रची गई हत्या की साजिश
जांच एजेंसियों के अनुसार, चंद्रनाथ रथ को निशाना बनाने वाले हमलावर पेशेवर शूटर थे जिन्हें सुपारी देकर हत्या के लिए भेजा गया था. हमलावरों ने घटना से पहले लगातार तीन दिनों तक इलाके और रथ की गतिविधियों पर नजर रखी.
एसआईटी को मिले सबूतों से पता चला है कि कम से कम चार हमलावर इस वारदात में शामिल थे. उन्होंने ग्लॉक 47X सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल से कुल आठ गोलियां चलाईं.
बेहद करीब से बरसाईं गोलियां
गोलीबारी में 38 वर्षीय चंद्रनाथ रथ और उनके एसयूवी चालक बुद्धदेव बेरा को तीन-तीन गोलियां लगीं. कार की पिछली सीट पर बैठे मिंटू ने झुककर अपनी जान बचाई. फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है.
जांच में सामने आया कि दो मोटरसाइकिलों पर आए हमलावरों ने एक हैचबैक कार की मदद से रथ की गाड़ी को रोका और सामने की खिड़की से बेहद करीब से फायरिंग की.
नकली नंबर प्लेट और मिटाए गए चेसिस नंबर
घटना के बाद पुलिस को घटनास्थल के पास एक मोटरसाइकिल मिली. जांच में पता चला कि बाइक और हैचबैक कार दोनों पर लगी नंबर प्लेट नकली थीं.
अधिकारियों ने बताया कि वाहन मालिकों की पहचान छिपाने के लिए चेसिस नंबर भी मिटा दिए गए थे. जांच के दौरान पता चला कि हैचबैक कार का रजिस्ट्रेशन नंबर उत्तर बंगाल के शिवमंदिर इलाके के निवासी विलियम जोसेफ की कार से मेल खाता है.
हालांकि, प्रधाननगर पुलिस स्टेशन में पूछताछ के बाद जांचकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि विलियम जोसेफ का इस अपराध से कोई संबंध नहीं है.
एसआईटी कर रही है मामले की जांच
सीआईडी महानिरीक्षक अनूप जायसवाल के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (SIT) इस मामले की जांच कर रहा है. टीम में खुफिया शाखा, एसटीएफ और बारासात पुलिस के अधिकारी भी शामिल हैं.
डीजीपी एसएन गुप्ता ने मध्यमग्राम का दौरा करने के बाद कहा, “हमने घटनास्थल से खाली कारतूस और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. हत्या का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है.”
CCTV फुटेज में कैद हुई पूरी वारदात
घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर स्थित एक फैक्ट्री के सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना का अहम हिस्सा रिकॉर्ड हुआ है. 50 सेकंड के फुटेज में बुधवार रात करीब 10 बजे एक चांदी रंग की हैचबैक कार शेख मुजीब रोड में दाखिल होती दिखाई देती है.
यह सड़क ऑर्चर्ड एस्टेट की ओर जाती है, जहां चंद्रनाथ रथ वर्ष 2023 से अपने परिवार के साथ रह रहे थे. फुटेज में आठ मिनट बाद रथ की गाड़ी उसी रास्ते पर आती दिखाई देती है, जिसके बाद हमलावरों ने रास्ता रोक लिया.
बाइक सवार हमलावरों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग
फुटेज के अनुसार, घटना के दो मिनट बाद हेलमेट पहने दो बाइक सवार जेस्सोर रोड की ओर भागते दिखाई दिए.
पुलिस के मुताबिक, एक हमलावर ने रथ की गाड़ी की छत पर हाथ रखकर पिस्तौल को शीशे से सटाया और बेहद करीब से फायरिंग की. एक जांच अधिकारी ने कहा, “ग्लॉक 47X जैसे हथियार आम तौर पर साधारण अपराधी इस्तेमाल नहीं करते हैं.”
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीन गोली लगने की पुष्टि
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चंद्रनाथ रथ के शरीर पर तीन गोली लगने के निशान मिले हैं. इनमें दो गोलियां सीने में और एक पेट में लगी थी. अत्यधिक रक्तस्राव और कई अंगों के फेल होने के कारण उनकी मौत हो गई.
उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
अलग-अलग दिशाओं में फरार हुए हमलावर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के बाद हमलावर अलग-अलग दिशाओं में भाग निकले. एक बाइक सवार एयरपोर्ट की ओर गया, जबकि दूसरा बडू और राजारहाट की गलियों की तरफ फरार हुआ.
बाद में पुलिस को सहारा ब्रिज के पास लावारिस हालत में हैचबैक कार मिली.
सुवेंदु अधिकारी ने बताया सुनियोजित हमला
सुवेंदु अधिकारी ने अपने सहयोगी की हत्या को “सुनियोजित” बताया. उन्होंने कहा कि रथ को भवानीपुर में ममता बनर्जी के खिलाफ चुनावी जीत में योगदान देने की वजह से निशाना बनाया गया.
उन्होंने कहा, “हत्यारों ने पहले से ही रेकी की और पीड़ित का पीछा करने के बाद उन्हें करीब से गोली मार दी.”
हालांकि, उन्होंने टीएमसी पर सीधे आरोप लगाने से इनकार किया और अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग को खारिज कर दिया.
उन्होंने कहा, "तृणमूल का इससे कोई लेना-देना नहीं है. पुलिस काम कर रही है. मैंने डीजीपी गुप्ता से बात की. उनके पास कुछ सुराग हैं और कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है. मुझे विश्वास है कि पुलिस हमलावरों को गिरफ्तार करने में सक्षम होगी. जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है."
गोलीबारी के वक्त फोन पर बात कर रहे थे भाजपा विधायक
सिलीगुड़ी से भाजपा विधायक शंकर घोष ने बताया कि घटना के समय वह चंद्रनाथ रथ से फोन पर बात कर रहे थे.
उन्होंने कहा, "... फोन कट गया. मैंने दोबारा फोन किया और मैसेज भी भेजा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. जब मैंने दोबारा कोशिश की तो किसी और ने फोन उठाया और बताया कि रथ को गोली लग गई है."


